Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने अपने कोरापुट (Koraput) फैसिलिटी में इंजन प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए **₹553 करोड़** के निवेश का ऐलान किया है। इस खबर के बाद निवेशकों के भरोसे से कंपनी का शेयर करीब **3%** ऊपर चढ़ गया है।
कोरापुट में बढ़ेगी क्षमता
HAL ने ओडिशा के अपने कोरापुट डिवीजन में कैपेसिटी विस्तार की बड़ी योजना बनाई है। यह कदम तब उठाया गया है जब कंपनी ने अपना 2,000वां एयरो-इंजन डिलीवर करने का माइलस्टोन हासिल किया है। भारतीय वायुसेना और आर्मी एविएशन की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कंपनी ने ₹553 करोड़ का निवेश करने का फैसला किया है।
निवेश का गणित
इस निवेश को दो मुख्य प्रोजेक्ट्स में बांटा गया है:
- AL-31FP इंजन: Su-30MKI फ्लीट को पावर देने वाले इन इंजनों की क्षमता को 30 से बढ़ाकर 50 यूनिट प्रति वर्ष किया जाएगा, जिस पर ₹335 करोड़ खर्च होंगे।
- Shakti इंजन: ध्रुव और प्रचंड हेलीकॉप्टरों में इस्तेमाल होने वाले इन इंजनों के लिए एक नई प्रोडक्शन लाइन बनाई जाएगी। इसके लिए ₹218 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसका लक्ष्य 2028-29 फाइनेंशियल ईयर तक 100 इंजन सालाना बनाना है।
फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो 2025-26 फाइनेंशियल ईयर में HAL का रेवेन्यू ₹36,793.54 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹9,075.67 करोड़ रहा है। मजबूत ऑर्डर बुक के चलते निवेशकों का भरोसा बरकरार है।
भविष्य की राह और जोखिम
सरकार अब ₹5,000 करोड़ की लागत से भारत की पहली हाई-थ्रस्ट इंजन टेस्टिंग फैसिलिटी बनाने पर विचार कर रही है, जो AMCA प्रोग्राम के लिए मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही, HAL स्थानीय रॉ-मटेरियल सप्लाई के लिए Mishra Dhatu Nigam Limited के साथ मिलकर काम कर रही है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इतने बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में देरी या कॉस्ट ओवररन का रिस्क हमेशा बना रहता है, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
