AMCA पर HAL का बड़ा खंडन, बाज़ार में घबराहट
Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर DK Sunil ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि कंपनी को एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम से बाहर कर दिया गया है। सुनील ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस संबंध में कोई भी आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। यह बयान रक्षा सचिव द्वारा 2 फरवरी, 2026 को तीन कंटेंडर्स (संभावित दावेदार) की शॉर्टलिस्टिंग की घोषणा के बाद आया है, जिनमें कथित तौर पर टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, भारत फोर्ज और एलएंडटी शामिल थे, और HAL का नाम नहीं था। चेयरमैन ने इस बात पर जोर दिया कि AMCA से होने वाली कमाई, जिसकी उम्मीद 2035 के आसपास उत्पादन शुरू होने पर है, HAL की मौजूदा या निकट-अवधि की वित्तीय योजनाओं का हिस्सा कभी नहीं रही है।
शेयर में 12% की गिरावट, ₹18,000 करोड़ का नुकसान
इन रिपोर्टों और ब्रोकरेज फर्मों की प्रतिक्रिया के चलते बाज़ार में HAL के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया। 4-5 फरवरी, 2026 के दौरान स्टॉक में लगभग 12% की जोरदार गिरावट आई, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹18,000 करोड़ कम हो गया। इस गिरावट को ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Morgan Stanley की 'अंडरवेट' (Underweight) रेटिंग और ₹3,355 के टारगेट प्राइस में कटौती ने और हवा दी। ब्रोकरेज फर्म ने बढ़ती प्रतिस्पर्धा और एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risks) को इस downgrade का मुख्य कारण बताया है।
सिविल एविएशन में HAL का बड़ा दांव, 25% रेवेन्यू का लक्ष्य
HAL अब पारंपरिक डिफेंस इक्विपमेंट से आगे बढ़कर सिविल एविएशन सेक्टर में अपनी पैठ मजबूत करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य अगले एक दशक में अपने कुल रेवेन्यू (Revenue) का लगभग 25% इस क्षेत्र से हासिल करना है। इस दिशा में नए प्रोजेक्ट्स में 2027 तक अपेक्षित डेक-आधारित हेलीकॉप्टर, पवन हंस द्वारा ऑर्डर किया गया ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) सिविल वेरिएंट, और 18-सीटर हिंदुस्तान 228 शामिल हैं, जिनकी कंपनी को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके अलावा, रूस की UAC के साथ 100-सीटर SJ-100 सिविल कम्यूटर एयरक्राफ्ट के निर्माण के लिए एमओयू (MOU) भी इस रणनीति का एक अहम हिस्सा है।
एग्जीक्यूशन क्षमता और 7 गुना बड़ी ऑर्डर बुक
चेयरमैन सुनील ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) प्रोग्राम में इंजन सप्लाई की दिक्कतों को HAL की उत्पादन क्षमता की कमी मानने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि पांच LCA इंजन के साथ तैयार होकर उड़ान भर रहे हैं, और नौ और बनाए व टेस्ट किए जा चुके हैं। कंपनी की विशाल ऑर्डर बुक, जो उसके सालाना रेवेन्यू का लगभग 7 गुना बताई जा रही है, 2032 तक के लिए मजबूत राजस्व दृश्यता (Revenue Visibility) प्रदान करती है। हालांकि, महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स और इंजन सप्लाई चेन, खासकर Tejas Mk1A के लिए GE के F404 इंजन की सप्लाई में हो रही देरी जैसी आयात निर्भरता, एग्जीक्यूशन रिस्क पैदा करती है।
वैल्यूएशन और भविष्य की राह: 21 विश्लेषक 'buy' पर
शुरुआती फरवरी 2026 तक, HAL का P/E रेश्यो लगभग 33.46x से 37.28x के बीच रहा, और मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹282,029 करोड़ (या ₹2.99 ट्रिलियन) के आसपास था। इसकी तुलना में, भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) लगभग 88.45x के P/E पर कारोबार कर रहा है, और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का मार्केट कैप करीब ₹3.15-3.21 ट्रिलियन और P/E रेश्यो 52.8x से 72.4x है। इसी तरह, निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स जनवरी 2026 तक लगभग 52.27x के P/E पर ट्रेड कर रहा है। जहां 25 में से 21 विश्लेषक अभी भी HAL पर 'buy' रेटिंग बनाए हुए हैं, वहीं Morgan Stanley की 'अंडरवेट' कॉल नियर-टर्म परफॉर्मेंस को लेकर अधिक सतर्क दृष्टिकोण का संकेत देती है। भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस मार्केट के 2030 तक 5.84% के CAGR से बढ़कर 26.32 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है, फिर भी HAL की विशिष्ट चुनौतियों पर निवेशकों को पैनी नज़र रखनी होगी।