HAL का Tejas मिशन: पुराने ऑर्डर पूरे, अब Mk-1A पर फोकस, शेयरों में आई तेजी

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AuthorMehul Desai|Published at:
HAL का Tejas मिशन: पुराने ऑर्डर पूरे, अब Mk-1A पर फोकस, शेयरों में आई तेजी

Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने अपने पुराने **40** फाइटर जेट्स के कॉन्ट्रैक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब कंपनी अपना पूरा ध्यान **180** एयरक्राफ्ट के नए Mk-1A पाइपलाइन पर लगा रही है, हालांकि रडार और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन के चलते कुछ तकनीकी चुनौतियां भी सामने हैं।

प्रोजेक्ट का नया पड़ाव

बेंगलुरु में हाल ही में अंतिम दो ट्विन-सीट ट्रेनर जेट्स की डिलीवरी के साथ ही HAL ने 2006 से चले आ रहे अपने 40 LCA Tejas के ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब कंपनी का पूरा ध्यान Mk-1A प्रोग्राम पर शिफ्ट हो गया है, जो एक अधिक जटिल और आधुनिक वर्जन है।

तकनीकी मोर्चे पर चुनौतियां

कंपनी ने अब तक 27 एयरफ्रेम तैयार कर लिए हैं, लेकिन इन्हें अभी मास डिलीवरी के लिए तैयार नहीं माना जा सकता। फिलहाल HAL की इंजीनियरिंग टीम रडार इंटीग्रेशन, वेपन्स सिस्टम और फ्लाइट सॉफ्टवेयर की जटिलताओं को सुलझाने में जुटी है। मैनेजमेंट का साफ कहना है कि वे डिलीवरी की जल्दबाजी के बजाय ऑपरेशनल रेडीनेस और टेस्टिंग पर अधिक फोकस कर रहे हैं।

मजबूत ऑर्डर बुक और रिस्क

HAL के पास इस समय कुल 180 जेट्स का विशाल ऑर्डर पाइपलाइन है। इसमें साल 2021 का ₹48,000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट और 2025 का ₹62,370 करोड़ का नया ऑर्डर शामिल है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'एग्जीक्यूशन रिस्क' है। यदि कंपनी इन तकनीकी बाधाओं को समय पर पार कर लेती है, तो इसकी रेवेन्यू ग्रोथ काफी शानदार रह सकती है।

शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बाजार ने इस खबर को सकारात्मक रूप से लिया और HAL के शेयर में करीब 2% की बढ़त देखने को मिली।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.