सरकार ने 8 नेक्स्ट-जेनरेशन कार्वेट्स (Next-Generation Corvettes) के निर्माण के लिए **₹40,000 करोड़** के बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह काम Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) और Goa Shipyard Limited के बीच साझा किया जाएगा।
सरकार ने भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए ₹40,000 करोड़ के एक बड़े रक्षा सौदे पर मुहर लगा दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत 8 नेक्स्ट-जेनरेशन कार्वेट्स तैयार किए जाएंगे, जो अत्याधुनिक एंटी-सरफेस, एंटी-सबमरीन और एंटी-एयर ऑपरेशंस में सक्षम होंगे। यह फैसला आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत घरेलू रक्षा मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
शिपयार्ड्स को मिलेगा बड़ा ऑर्डर
इस प्रोजेक्ट का काम दो प्रमुख सरकारी शिपयार्ड्स—Kolkata स्थित Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) और Goa Shipyard Limited के बीच बांटा जाएगा। निवेशकों के लिए यह एक बड़ी 'ऑर्डर विजिबिलिटी' है, क्योंकि इसमें 70% से ज्यादा कंटेंट स्वदेशी होगा।
टेक्नोलॉजी और टाइमलाइन
इन युद्धपोतों की खासियत इनकी 'स्टेल्थ' (Stealth) डिजाइन है। हर पोत का वजन लगभग 2,000 टन होगा और ये 30 नॉट की रफ्तार पकड़ने में सक्षम होंगे। इन जहाजों के 2030 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
रक्षा क्षेत्र की कंपनियां लॉन्ग-टर्म ऑर्डर बुक के लिए तो अच्छी हैं, लेकिन निवेशकों को यह समझना होगा कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स का एग्जीक्यूशन समय लेता है। वर्किंग कैपिटल साइकिल लंबी हो सकती है और समय-सीमा या लागत बढ़ने (Cost Overruns) का जोखिम हमेशा बना रहता है। फिलहाल, निवेशकों को अब आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट साइनिंग और पेमेंट माइलस्टोन्स पर नजर रखनी चाहिए, जिससे कंपनी के मार्जिन्स और फाइनेंशियल हेल्थ की स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।
