Navratna कंपनी Garden Reach Shipbuilders and Engineers (GRSE) ने अपना 119वां वॉरशिप 'Amini' भारतीय नौसेना को सौंपा है। यह डिलीवरी ऐसे समय पर हुई है जब कंपनी ने हाल ही में ₹32,000 करोड़ का बड़ा ऑर्डर हासिल किया है, जो इसके मजबूत फ्यूचर आउटलुक को दर्शाता है।
नेवल डिफेंस में बड़ी उपलब्धि
कोलकाता स्थित शिपयार्ड GRSE ने 'Amini' को भारतीय नौसेना को डिलीवर कर दिया है। यह आठ Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW-SWC) में से पांचवां जहाज है। कंपनी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि यह उनका 119वां वॉरशिप है और नौसेना को की गई 81वीं डिलीवरी है। 'Amini' को विशेष रूप से उथले पानी में निगरानी और टैक्टिकल ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है।
₹32,000 करोड़ का बड़ा ऑर्डर
इस डिलीवरी के कुछ दिन पहले ही, 2 नवंबर 2026 को कंपनी ने ₹32,000 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, जिसके तहत भारतीय नौसेना के लिए पांच 'Next Generation Corvettes' का निर्माण किया जाएगा। जून 2026 में 'Navratna' का दर्जा पाने वाली GRSE अब स्टिल्थ फ्रिगेट और कमर्शियल जहाजों पर भी जोर दे रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और रिस्क फैक्टर
कंपनी के पिछले FY26 के आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹7,002.16 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 41.81% बढ़कर ₹747.93 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, निवेशकों को शिपिंग सेक्टर के कुछ खास रिस्क पर भी नजर रखनी चाहिए:
- कच्चे माल की कीमत: स्टील और अलॉय की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
- एग्जीक्यूशन रिस्क: डिफेंस प्रोजेक्ट्स लंबे और जटिल होते हैं, जिनमें देरी से टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है।
- कंसंट्रेशन रिस्क: कंपनी का बड़ा बिजनेस भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड पर निर्भर है।
आगे की राह
अब बाजार की निगाहें 11 नवंबर 2026 पर टिकी हैं, जब कंपनी सितंबर तिमाही के फाइनेंशियल नतीजे घोषित करेगी। निवेशकों को इस बात का इंतजार है कि मैनेजमेंट नए ₹32,000 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट को लेकर क्या एग्जीक्यूशन प्लान सामने रखता है।
