भारतीय ड्रोन निर्माता कंपनी Flying Wedge Defence and Aerospace (FWDA) ने पुर्तगाल की कंपनी Keydef के साथ **€6 मिलियन** की रणनीतिक साझेदारी की है। इस डील का मुख्य उद्देश्य यूरोप में 'Kaal Bhairav' और 'YAMA' ड्रोन्स का निर्माण कर NATO सर्टिफिकेशन हासिल करना है।
यूरोप में बनेगा भारतीय ड्रोन का हब
Flying Wedge Defence and Aerospace (FWDA) अब अपनी पहुंच ग्लोबल मार्केट तक बढ़ाने जा रही है। पुर्तगाली फर्म Sketchpixel LDA की डिफेंस डिवीजन, Keydef के साथ हुई इस €6 मिलियन की पार्टनरशिप के तहत कंपनी यूरोप में अपनी प्रोडक्शन लाइन शुरू करेगी। यह कदम कंपनी को एक घरेलू प्लेयर से बदलकर एक ग्लोबल डिफेंस सप्लायर के रूप में स्थापित करेगा।
NATO सर्टिफिकेशन का गेम प्लान
इस साझेदारी का सबसे अहम मकसद FWDA के ड्रोन्स, खास तौर पर 'Kaal Bhairav' और 'YAMA' मॉडल्स के लिए NATO सर्टिफिकेशन हासिल करना है। आमतौर पर NATO देशों के बाहर बने डिफेंस इक्विपमेंट को पश्चिमी सेनाओं को सप्लाई करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पुर्तगाल के ब्रागा (Braga) में नई फैसिलिटी स्थापित करके और वहां के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स व AI तकनीक का इस्तेमाल कर कंपनी इन बाधाओं को पार करना चाहती है।
R&D पर लंबा निवेश
कंपनी सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती। FWDA और Minho यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर एक ऐसी ड्रोन तकनीक पर काम कर रही है जो 100 घंटे तक लगातार उड़ान भर सके। इसके लिए 'Fábrica do Arquinho' में एक जॉइंट लेबोरेटरी खोली जाएगी, जो 2028 तक पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी। यह कंपनी के लिए मैटेरियल्स साइंस और ऑटोनॉमस नेविगेशन के क्षेत्र में नई बौद्धिक संपदा (IP) तैयार करने का एक बड़ा मौका है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह डील कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव है। जहां यूरोप और NATO मार्केट तक पहुंच भविष्य के लिए एक्सपोर्ट रेवेन्यू के बड़े रास्ते खोल सकती है, वहीं सर्टिफिकेशन हासिल करना एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें रेगुलेटरी चुनौतियां हो सकती हैं। निवेशकों को अब कंपनी के इंटरनेशनल विस्तार और घरेलू ऑपरेशंस के बीच बैलेंस बनाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
