कोच्चि स्थित स्टार्टअप EyeROV ने भारतीय नौसेना को अपने स्वदेशी 'TROUT' अंडरवॉटर रोबोट्स सौंप दिए हैं। **₹47 करोड़** के इस बड़े कॉन्ट्रैक्ट के जरिए नौसेना की समुद्री निगरानी क्षमता और मजबूत होगी। ध्यान दें, EyeROV एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
स्वदेशी तकनीक की बड़ी जीत
कोच्चि के स्टार्टअप EyeROV ने अपने 5 मिलिट्री-ग्रेड 'TROUT' अंडरवॉटर रोबोट्स (ROVs) में से पहले 2 यूनिट्स की डिलीवरी भारतीय नौसेना को दे दी है। यह कदम भारत की मैरीटाइम सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है, क्योंकि अब हम विदेशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कॉन्ट्रैक्ट और तकनीक की डीटेल्स
यह डील सितंबर 2025 में साइन की गई थी, जिसकी कुल वैल्यू ₹47 करोड़ है। इन रोबोट्स को 'Innovations for Defence Excellence' (iDEX) पहल के तहत बनाया गया है। इनकी खासियत यह है कि ये 300 मीटर की गहराई तक जाकर जासूसी, रेकी और अंडरवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर की बारीकी से जांच कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
अगर आप सोच रहे हैं कि इस खबर से शेयर बाजार में किसी कंपनी पर असर पड़ेगा, तो बता दें कि EyeROV की पैरेंट कंपनी, IROV Technologies Private Limited, एक प्राइवेट एंटिटी है। यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, रिटेल निवेशक सीधे तौर पर इसमें पैसा नहीं लगा सकते।
आगे की राह
भारतीय नौसेना के लिए यह तकनीक रणनीतिक रूप से बहुत अहम है। फिलहाल कंपनी को 3 और यूनिट्स की डिलीवरी पूरी करनी है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर होगी कि ये रोबोट्स रियल-टाइम ऑपरेशंस में कैसा परफॉर्म करते हैं, जो भविष्य में 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत अन्य डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स पाने के लिए कंपनी के रास्ते खोल सकता है।
