हैदराबाद स्थित EON Space Labs को अपने MIRA इमेजिंग सिस्टम के लिए पेटेंट मिल गया है। यह महज **502 ग्राम** वजनी कॉम्पैक्ट टेलीस्कोप अंतरिक्ष और डिफेंस क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तैयार है।
स्पेस टेक्नोलॉजी में नई क्रांति
हैदराबाद की एयरोस्पेस कंपनी EON Space Labs ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपने MIRA इमेजिंग सिस्टम का पेटेंट प्राप्त कर लिया है। यह अल्ट्रा-कॉम्पैक्ट और स्पेस-ग्रेड ऑप्टिकल टेलीस्कोप हाई-डेफिनिशन मल्टीस्पेक्ट्रल तस्वीरें लेने में सक्षम है। इसका वजन सिर्फ 502 ग्राम है, जो इसे सैटेलाइट ऑपरेटर्स के लिए बेहद किफायती और कुशल विकल्प बनाता है। इस तकनीक का उद्देश्य एग्रीकल्चर और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में अर्थ ऑब्जर्वेशन की लागत को कम करना है।
भविष्य के मिशन और चुनौतियां
कंपनी अब इस तकनीक को साबित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे पहले इसे ISRO के PSLV-C62 मिशन में भेजा गया था, जहाँ एक छोटी तकनीकी खराबी के बावजूद हार्डवेयर की बेसिक इंटीग्रेशन क्षमता साबित हो गई थी। अब कंपनी ISRO के स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) और अक्टूबर 2026 में SpaceX के Transporter-18 मिशन के जरिए MOI-1A सैटेलाइट में इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।
डिफेंस में भी मिलेगी मजबूती
ग्रोथ स्ट्रैटेजी के तहत कंपनी रक्षा मंत्रालय के iDEX फ्रेमवर्क के साथ मिलकर काम कर रही है। वे इस तकनीक को 'Multisight' नाम से लैंड-बेस्ड वर्जन में ढाल रहे हैं, ताकि भारतीय सेना और नौसेना की लॉन्ग-रेंज सर्विलांस जरूरतों को पूरा किया जा सके। इस स्वदेशी पहल से भारत की महंगे विदेशी ऑप्टिकल सिस्टम पर निर्भरता काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी मिशनों की सफलता और परफॉर्मेंस कंसिस्टेंसी पर टिकी है।
