28 अगस्त 2026 को रक्षा क्षेत्र के दिग्गजों जैसे Bharat Dynamics और HAL के शेयरों में गिरावट देखी गई। सरकार द्वारा Open General Export Licence (OGEL) के नियमों को सरल बनाने के बाद मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की आशंका से निवेशकों ने बिकवाली की है।
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को रक्षा क्षेत्र के शेयरों में जोरदार बिकवाली का माहौल रहा। रक्षा मंत्रालय द्वारा Open General Export Licence (OGEL) और Defence Export Standard Operating Procedure में बड़े बदलावों की घोषणा के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है। हालांकि सरकार का मकसद भारत को एक बड़ा डिफेंस एक्सपोर्टर बनाना है, लेकिन मार्केट को इस बात की चिंता सता रही है कि अब सरकारी कंपनियों (PSUs) को निजी खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिलेगी।
नियमों में क्या बदलाव हुए?
नए नियमों के तहत एक्सपोर्ट लाइसेंस की वैधता को 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दिया गया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब नॉन-लीथल डिफेंस आइटम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भेजे जाने वाले सामानों के लिए अनिवार्य 'स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन' को हटा दिया गया है। इससे निर्यात की प्रक्रिया तेज होगी और कंपनियां अधिक देशों को आसानी से अपना माल भेज सकेंगी।
बाजार पर असर और निवेशकों की चिंता
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन सरकारी कंपनियों पर पड़ सकता है जो अब तक एक सुरक्षित दायरे में काम कर रही थीं। इनमें Bharat Dynamics, Hindustan Aeronautics (HAL), Mazagon Dock Shipbuilders और Garden Reach Shipbuilders & Engineers जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
शुक्रवार के सत्र में Nifty Defence इंडेक्स में कमजोरी देखी गई। Bharat Dynamics और HAL के शेयरों में 4% तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Bharat Forge और अन्य शिपबिल्डिंग कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों को डर है कि निजी कंपनियों के लिए रास्ता आसान होने से ग्लोबल ऑर्डर के लिए 'प्राइस वॉर' शुरू हो सकता है, जिससे सरकारी कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) पर दबाव बढ़ सकता है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कौन सी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी के वादे को निभा पाती हैं। बाजार अब इन कंपनियों के ऑर्डर बुक और मार्जिन पर पड़ने वाले असर का बारीकी से विश्लेषण कर रहा है।
