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GRSE का रिकॉर्ड प्रदर्शन, डिफेंस शिपबिल्डर्स में तूफानी तेजी!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
GRSE का रिकॉर्ड प्रदर्शन, डिफेंस शिपबिल्डर्स में तूफानी तेजी!
Overview

Garden Reach Shipbuilders (GRSE) के शानदार नतीजों के बाद डिफेंस शिपबिल्डर्स के शेयरों में आज तूफानी तेजी देखी गई। GRSE ने FY26 के लिए रिकॉर्ड **₹6,400 करोड़** का टर्नओवर दर्ज किया, जिसके दम पर कंपनी के शेयर **18%** उछले। इसी के साथ Mazagon Dock Shipbuilders (MDL) **11.6%** और Cochin Shipyard (CSL) **13.2%** चढ़ गए।

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने FY26 के लिए ₹6,400 करोड़ का रिकॉर्ड सालाना टर्नओवर घोषित किया है। यह पिछले साल की तुलना में 26% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय भारतीय नौसेना को 8 जहाजों की सफल डिलीवरी और एक्सपोर्ट ऑर्डर पर हुई प्रगति को जाता है। कंपनी नॉर्वे की कोंबर्ग के साथ मिलकर भारत के पहले पोलर रिसर्च वेसल के निर्माण पर भी आगे बढ़ रही है। उम्मीद है कि मार्च 2026 तक GRSE की ऑर्डर बुक ₹40,000 करोड़ के पार निकल जाएगी, जो भविष्य में ग्रोथ के लिए एक मजबूत संकेत है।

GRSE की इस कामयाबी का असर सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनियों Mazagon Dock Shipbuilders (MDL) और Cochin Shipyard (CSL) पर भी दिखा, जिनके शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। Cochin Shipyard (CSL) की तेजी को एक अतिरिक्त बूस्ट मिला क्योंकि 1 अप्रैल, 2026 से यह स्टॉक फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में शामिल हो गया है। MDL पहले से ही इस सेगमेंट का हिस्सा है। इन शेयरों में भारी वॉल्यूम देखा गया, GRSE में 20-दिन के औसत वॉल्यूम से 12 गुना ज्यादा और CSL में लगभग 10 गुना ज्यादा ट्रेडिंग हुई, जो सेक्टर में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी दिखाती है।

भारतीय डिफेंस सेक्टर को सरकारी नीतियों, घरेलू उत्पादन पर बढ़ते फोकस और भू-राजनीतिक तनाव के चलते जबरदस्त फायदा मिल रहा है। 27 मार्च, 2026 को रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने ₹2.38 लाख करोड़ के रक्षा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी, वहीं FY26 में यह आंकड़ा ₹9.28 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा, ₹44,700 करोड़ की सरकारी स्कीमें घरेलू शिपबिल्डिंग क्षमता को बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं।

GRSE की ऑर्डर बुक मार्च 2026 तक ₹40,000 करोड़ से अधिक है। MDL के पास 15 मार्च, 2026 तक ₹23,758 करोड़ की ऑर्डर बुक है, जिसमें ज्यादातर इसके शिपबिल्डिंग डिवीजन से हैं। वहीं, CSL की ऑर्डर बुक Q1 FY26 तक करीब ₹21,100 करोड़ थी, जिसके आगे ₹2.85 लाख करोड़ की एक बड़ी पाइपलाइन है।

फिलहाल, GRSE का P/E लगभग 32.8x पर ट्रेड कर रहा है, जिसे इंडस्ट्री और साथियों की तुलना में उचित माना जा रहा है। MDL का P/E करीब 36x है, जो भी फेयर वैल्यू पर है। हालांकि, CSL का P/E थोड़ा ज्यादा 43.2x से 47.6x के बीच है।

GRSE के लिए एनालिस्ट्स की राय आम तौर पर 'स्ट्रॉन्ग बाय' की ओर झुकी हुई है, और प्राइस टारगेट भविष्य में बड़ी ग्रोथ की संभावना जता रहे हैं। MDL को भी 'बाय' की कंसेंसस मिल रही है, जिसके टारगेट प्राइस भी अच्छी ग्रोथ दिखा रहे हैं। लेकिन CSL के मामले में तस्वीर मिली-जुली है। कुछ रिपोर्ट्स 'होल्ड' या 'सेल' की राय दे रही हैं, साथ ही ऐसे प्राइस टारगेट भी हैं जो सीमित अपसाइड या संभावित गिरावट का संकेत देते हैं।

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