Defence PSUs: डिफेंस कंपनियों का शानदार प्रदर्शन, FY26 में टर्नओवर **15%** बढ़ा, पर ऑडिट रिपोर्ट से बढ़ी टेंशन

AEROSPACE-DEFENSE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Defence PSUs: डिफेंस कंपनियों का शानदार प्रदर्शन, FY26 में टर्नओवर **15%** बढ़ा, पर ऑडिट रिपोर्ट से बढ़ी टेंशन

16 डिफेंस पीएसयू (Defence PSUs) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में कुल **₹1.29 लाख करोड़** का टर्नओवर दर्ज किया है, जो **15.4%** की उछाल दिखाता है। हालांकि, ऑडिट में ऑपरेशनल देरी और प्रोक्योरमेंट की दिक्कतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

वित्त वर्ष 2026 भारतीय डिफेंस पब्लिक सेक्टर यूनिट्स (DPSUs) के लिए मिला-जुला रहा है। एक ओर जहां कंपनी का टर्नओवर ₹1.29 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, वहीं नेट प्रॉफिट भी 15.6% बढ़कर ₹23,136 करोड़ हो गया है। सबसे बड़ी उपलब्धि एक्सपोर्ट में रही, जहां 151.2% की जोरदार उछाल दर्ज की गई है।

मिनिस्ट्री की नजर, क्या होगा एक्शन?

शानदार आंकड़ों के बावजूद, कंपनियों के सामने ऑपरेशनल एफिशिएंसी को लेकर बड़ा संकट है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 1 सितंबर 2026 को एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इसमें Hindustan Aeronautics, Mazagon Dock, Bharat Electronics, Bharat Dynamics, Garden Reach Shipbuilders, BEML और MIDHANI जैसी कंपनियों के प्रमुख शामिल होंगे। मीटिंग में डिविडेंड पेआउट के साथ-साथ ऑडिट में उठी आपत्तियों पर जवाब मांगा जाएगा।

ऑडिट रिपोर्ट की मुख्य चिंताएं

CAG (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) जैसी संस्थाओं ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में सिस्टम की खामियों को उजागर किया है। विशेष रूप से प्रोक्योरमेंट और सप्लाई ऑर्डर्स में देरी होने से प्रोडक्शन टाइमलाइन प्रभावित हो रही है। Advanced Weapons and Equipment India Ltd जैसे मामलों में एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों का बढ़ना प्रॉफिटेबिलिटी के लिए सिरदर्द बना हुआ है।

निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये कंपनियां अपनी पुरानी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज को मॉडर्न बनाने और ऑर्डर्स को समय पर पूरा करने के लिए क्या रणनीतियां अपनाती हैं। प्राइवेट सेक्टर से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, केवल टॉपलाइन ग्रोथ काफी नहीं होगी, बल्कि ऑपरेशनल अनुशासन भी उतना ही मायने रखेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.