बजट के बाद क्यों भागा बाज़ार?
सरकार ने भले ही राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रक्षा बजट में बड़ा इजाफा किया हो, लेकिन शेयर बाज़ार को यह रास नहीं आया। नतीजे के तौर पर, Nifty India Defence Index में लगभग 9% की भारी गिरावट दर्ज की गई। Bharat Dynamics Limited, Hindustan Aeronautics Limited और Bharat Electronics Limited जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी ज़बरदस्त बिकवाली हुई। यह बाज़ार की उम्मीदों और बजट में पेश किए गए आंकड़ों के बीच एक बड़ा अंतर दिखाता है, जिसे नए टैक्स नियमों ने और बढ़ा दिया।
उम्मीदों पर पानी और टैक्स का झटका
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल रक्षा व्यय को रिकॉर्ड ₹7,84,678 करोड़ रुपये घोषित किया, जो पिछले साल के ₹6,81,210 करोड़ से 15% ज़्यादा है। मॉडर्नाइजेशन और नई संपत्ति के निर्माण के लिए कैपिटल आउटले (Capital Outlay) को भी बढ़ाकर ₹2,19,306 करोड़ कर दिया गया, जो पिछले साल के मुकाबले 21.8% की वृद्धि है। हालांकि, कई बाज़ार विश्लेषकों को 25% की बढ़ोतरी की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। इसके अलावा, बजट में डेरिवेटिव्स (Futures) पर सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस (Options) पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। इस टैक्स बढ़ोतरी ने इक्विटी बाज़ार में आक्रामक बिकवाली को बढ़ावा दिया, जिससे Sensex और Nifty दोनों में लगभग 1.96% की गिरावट आई।
रणनीतिक फोकस और बाज़ार की चिंताएँ
FY27 के लिए भारत के रक्षा बजट में स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर दिया गया है, जिसमें 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत घरेलू खरीद के लिए ₹1.39 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। यह बजट का लगभग 75% हिस्सा है। इसका मकसद आयात पर निर्भरता कम करना और रक्षा औद्योगिक आधार को मज़बूत करना है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के लिए भी आवंटन बढ़ाकर ₹29,100.25 करोड़ कर दिया गया है, जो टेक्नोलॉजी में निवेश का संकेत देता है।
आंकड़े बताते हैं कि बजट से पहले डिफेंस स्टॉक्स में ज़बरदस्त तेजी आई थी, और Nifty India Defence Index फरवरी 2025 से अब तक 22.29% चढ़ चुका था। Bharat Electronics Ltd (BEL), Hindustan Aeronautics Ltd (HAL), और Solar Industries India Ltd जैसी कंपनियों ने पिछले कुछ सालों में शानदार ग्रोथ दिखाई है। रक्षा खर्च में यह वृद्धि मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की तैयारियों को मज़बूत करने की सरकार की मंशा को दर्शाती है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि रक्षा क्षेत्र को बड़ा आवंटन मिलने के बावजूद, परिवहन क्षेत्र को बजट का सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। रेलवे और सड़कों के लिए भी आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सरकार ने अपने फिस्कल कंसॉलिडेशन (Fiscal Consolidation) के रास्ते को बनाए रखते हुए, FY27 के लिए GDP का 4.3% फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) का लक्ष्य रखा है।
भविष्य की राह: शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी के बीच लॉन्ग-टर्म ग्रोथ
बाज़ार की मौजूदा गिरावट के बावजूद, भारत के रक्षा क्षेत्र का लॉन्ग-टर्म आउटलुक (Long-term Outlook) मजबूत बना हुआ है। 'आत्मनिर्भर भारत' पर लगातार ज़ोर, ज़रूरी आधुनिकीकरण की ज़रूरतें और बढ़ते एक्सपोर्ट की महत्वाकांक्षाएं भविष्य के विकास के लिए एक मज़बूत आधार प्रदान करती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) में वृद्धि जारी रहेगी, और ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (Electronic Warfare) और AI-आधारित सिस्टम जैसे टेक्नोलॉजी-संचालित प्रोग्राम इस क्षेत्र के प्रमुख लाभार्थी होंगे। भले ही STT में हालिया वृद्धि से शॉर्ट-टर्म में कुछ अस्थिरता आ सकती है, लेकिन रक्षा क्षमताओं की अंतर्निहित मांग और घरेलू उद्योग के लिए सरकारी समर्थन निवेशकों की रुचि को बनाए रखने की उम्मीद है।