ओडिशा की डीपटेक स्टार्टअप Coratia Technologies ने MGF Kavachh के नेतृत्व में **₹18 करोड़** की फंडिंग जुटाई है। यह राशि भारतीय नौसेना के **₹66 करोड़** के कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
डिफेंस सेक्टर में नई हलचल
पूर्व रक्षा सचिव अजय कुमार द्वारा स्थापित वेंचर फंड MGF Kavachh ने ओडिशा स्थित स्टार्टअप Coratia Technologies में ₹18 करोड़ का निवेश किया है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी अंडरवाटर रोबोटिक्स सिस्टम के प्रोडक्शन को तेजी से बढ़ाना है। वर्तमान में कंपनी भारतीय नौसेना के साथ ₹66 करोड़ के एक बड़े कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही है, जो सरकार की iDEX (Innovations for Defence Excellence) पहल के तहत आता है।
ऑर्डर्स और टेक्नोलॉजी
कंपनी के पोर्टफोलियो में जलालसिम्हा (Jalasimha), जलादूत (Jaladuta) जैसे रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs) और 'नवया' (Navya) ऑटोनॉमस सरफेस व्हीकल शामिल हैं। जलालसिम्हा प्लेटफॉर्म ने टेक्नोलॉजी रेडिनेस लेवल 9 हासिल कर लिया है, जिससे अब यह सेना में ऑपरेशनल तैनाती के लिए पूरी तरह तैयार है।
सिविल मार्केट की ओर नजर
डिफेंस के अलावा, कंपनी अपने रेवेन्यू को डायवर्सिफाई करने के लिए सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में भी कदम रख रही है। इसके तहत इंडियन ऑयल (Indian Oil), टाटा स्टील (Tata Steel) और हिंडाल्को (Hindalco Industries) जैसे औद्योगिक दिग्गजों को नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग और इंस्पेक्शन सर्विसेज मुहैया कराई जा रही हैं।
भविष्य की चुनौतियां
लगभग 32 कर्मचारियों वाली टीम के लिए इस बड़े कॉन्ट्रैक्ट को समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, जटिल टेंडर प्रक्रियाओं और पेमेंट साइकिल के जोखिमों के बीच कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितनी कुशलता से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अंडरवाटर डेटा प्रोसेसिंग में कर पाती है और सिविल प्रोजेक्ट्स को लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स में बदल पाती है।
