BrahMos Missile: कॉम्बैट में धाक जमने के बाद बढ़ी मांग, भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए बड़ा अवसर

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AuthorAditya Rao|Published at:
BrahMos Missile: कॉम्बैट में धाक जमने के बाद बढ़ी मांग, भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए बड़ा अवसर

ऑपरेशन 'सिंदूर' (Operation Sindoor) में BrahMos मिसाइल की जबरदस्त कामयाबी के बाद दुनिया भर से इसकी मांग तेजी से बढ़ गई है। फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों ने इसमें गहरी दिलचस्पी दिखाई है, जो भारतीय डिफेंस सप्लाई चेन की बढ़ती ताकत का सबूत है।

ग्लोबल मार्केट में भारत की धमक\n\nऑपरेशन 'सिंदूर' में BrahMos मिसाइल के सफल प्रदर्शन ने डिफेंस सेक्टर का नजरिया बदल दिया है। दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता और Sukhoi-30MKI से सटीक निशाना साधने की खूबी ने इसे ग्लोबल मार्केट में एक 'स्ट्रेटेजिक एसेट' बना दिया है। यही कारण है कि फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों से मिसाइल के लिए लगातार इंक्वायरीज आ रही हैं।\n\n### इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार\n\nबढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए BrahMos Aerospace अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूती दे रहा है। पिलानी, नागपुर और लखनऊ में मौजूद प्लांट्स के अलावा, कंपनी का 300 से ज्यादा माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज का नेटवर्क अब मिसाइल की रेंज बढ़ाने और नई टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने पर फोकस कर रहा है।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों है अहम?\n\nहालांकि BrahMos Aerospace सीधे तौर पर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसकी बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भारतीय डिफेंस सेक्टर की मैच्योरिटी को दर्शाती है। इसके सप्लाई चेन में जुड़ी कई बड़ी प्राइवेट और पब्लिक कंपनियां इस ग्रोथ का सीधा फायदा उठा रही हैं। सरकारी नीतियों के चलते डिफेंस एक्सपोर्ट में आ रही यह तेजी लॉन्ग-टर्म में उन कंपनियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है जो इस हाई-वैल्यू सप्लाई चेन का हिस्सा हैं।

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