ओडिशा की स्टार्टअप कंपनी BonV Aero ने भारतीय सेना की Eastern Command को **45** लॉजिस्टिक्स ड्रोन सौंपे हैं। ये ड्रोन **15,000 फीट** की ऊंचाई पर **10 किलो** तक का वजन ले जाने में सक्षम हैं।
हाई-एल्टीट्यूड पर मिलेगी बड़ी मदद
भारतीय सेना की Eastern Command ने अब इन अत्याधुनिक अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAVs) को अपने ऑपरेशंस में शामिल कर लिया है। इन ड्रोन्स को खास तौर पर उन इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है जहां भारी बर्फबारी, भूस्खलन या खराब मौसम के कारण पारंपरिक रास्तों से सामान पहुँचाना लगभग नामुमकिन होता है।
ये ड्रोन 15,000 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी दिक्कत के उड़ान भर सकते हैं और 10 किलो का पेलोड लेकर जा सकते हैं। इनकी एंड्योरेंस क्षमता 45 मिनट की है, जिससे दुर्गम पहाड़ी चौकियों तक जरूरी सामान बहुत कम समय में पहुँचाया जा सकेगा। यह डील मार्च में फाइनल हुई थी, जो कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले भी कंपनी सेना को 70 ड्रोन दे चुकी है।
डिफेंस सेक्टर में स्वदेशी का दम
यह कदम सरकार की 'मेक इन इंडिया' मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत रक्षा मंत्रालय विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम कर रहा है। सरकार की तरफ से हाल ही में 2,700 से ज्यादा लॉजिस्टिक्स ड्रोन्स के लिए टेंडर जारी किए गए हैं, जो घरेलू स्टार्टअप्स के लिए बड़ा अवसर हैं।
निवेशकों और डिफेंस सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए यह साफ संकेत है कि भारत का ड्रोन इकोसिस्टम अब प्रोटोटाइप के दौर से निकलकर फील्ड सर्विस तक पहुँच गया है। आने वाले समय में रक्षा मंत्रालय की ओर से मिलने वाले बड़े ऑर्डर्स और स्टार्टअप्स की इन ड्रोन्स को खराब मौसम में मेंटेन करने की क्षमता ही इस सेक्टर की असली ग्रोथ तय करेगी।
