इंजन फिक्स के ट्रायल शुरू
Boeing ने अपने 737 MAX 10 टेस्ट एयरक्राफ्ट पर संशोधित इंजन एंटी-आइस सिस्टम के लिए आधिकारिक सर्टिफिकेशन ट्रायल शुरू कर दिए हैं। यह सिस्टम इंजन में बर्फ जमने से रोकने के लिए गर्म हवा का उपयोग करता है, लेकिन इसके लंबे समय तक इस्तेमाल से इंजन केसिंग को संभावित गर्मी से नुकसान पहुँचने की चिंता थी। इस तकनीकी समस्या के कारण MAX 7 और MAX 10 मॉडल काफी समय से अटकें हुए थे। Boeing अब FAA के साथ मिलकर सर्टिफिकेशन प्लान को अंतिम रूप दे रही है। नए विमानों में यह नया डिज़ाइन वाला सिस्टम होगा, जबकि मौजूदा MAX 8 और MAX 9 मॉडलों में इसे बाद में रेट्रोफिट किया जाएगा, हालांकि फिलहाल इन पर कुछ ऑपरेशनल लिमिटेशन हैं।
FAA सर्टिफिकेशन की राह
यह ट्रायल शुरू होना Boeing के लिए रेगुलेटरी भरोसा वापस जीतने की दिशा में एक बड़ा कदम है। FAA ने मार्च 2026 तक क्वालिटी में लगातार सुधार देखने के बाद 737 MAX के प्रोडक्शन पर लगी रोक हटा दी है। रेगुलेटर्स के अनुसार, 2026 के अंत तक MAX 7 और MAX 10 की सर्टिफिकेशन में कोई बाधा नहीं आएगी, लेकिन लगातार फ्लाइट टेस्टिंग जारी रहेगी, जिससे नई चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं। 737 MAX क्रैश, जनवरी 2024 के डोर प्लग इंसिडेंट और निर्माण त्रुटियों की रिपोर्टों को देखते हुए इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नज़र रखी जा रही है।
वैल्यूएशन पर निवेशकों की चिंता
इस बीच, कंपनी का वैल्यूएशन (Valuation) निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। अप्रैल 2026 तक, Boeing का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 90.83 से 118.72 के बीच है, जो मार्केट के औसत 44.37 से कहीं ज़्यादा है। यह हाई वैल्यूएशन भविष्य में कंपनी की ग्रोथ को लेकर निवेशकों की बड़ी उम्मीदों को दर्शाता है, लेकिन यह उस रिकवरी पर टिका है जो अभी तक लगातार मुनाफे में तब्दील नहीं हुई है। स्टॉक की कीमत लगभग $220-225 पर ट्रेड कर रही है, जो इसके 52-हफ्ते के उच्च स्तर $254.35 से काफी नीचे है, जो मार्केट के सतर्क रवैये को दिखाता है।
Airbus से मुकाबला
Boeing को अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी Airbus से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Boeing ने पहली तिमाही में 143 कमर्शियल एयरक्राफ्ट डिलीवर किए, जो Airbus के 114 विमानों से ज़्यादा हैं। यह 2019 के बाद पहली बार है जब Boeing ने तिमाही डिलीवरी में Airbus को पीछे छोड़ा है। वहीं, Airbus को पैनल डिफेक्ट्स और रिपेयर में देरी के कारण Q1 2026 में 8% राजस्व (Revenue) में गिरावट और डिलीवरी में 16% की कमी का अनुमान है। हालांकि, Airbus का मार्केट कैपिटलाइजेशन $138.85 बिलियन से $160.42 बिलियन के बीच है और इसका P/E रेशियो लगभग 26.72 है, जो Boeing से काफी कम है। 737 MAX 10 सीधे तौर पर Airbus A321neo के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है, इसलिए इसका समय पर सर्टिफिकेशन और डिलीवरी महत्वपूर्ण है।
क्वालिटी और प्रोडक्शन पर सवाल
Boeing के पिछले क्वालिटी इश्यूज लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। 737 MAX क्रैश, जनवरी 2024 में Alaska Airlines का डोर प्लग blowout और निर्माण त्रुटियों की रिपोर्टों ने सिस्टमैटिक समस्याओं को उजागर किया है। व्हिसलब्लोअर के प्रोडक्शन शॉर्टकट्स के दावों और FAA ऑडिट में Boeing और सप्लायर Spirit AeroSystems में पाई गई खामियों ने इन चिंताओं को और बढ़ा दिया है। आलोचकों का मानना है कि McDonnell Douglas के अधिग्रहण के बाद कंपनी की कॉर्पोरेट संस्कृति में लाभ को प्रोडक्ट पर प्राथमिकता देने का बदलाव आया है।
प्रोडक्शन और फाइनेंशियल दबाव
Boeing का लक्ष्य 2026 की गर्मियों तक प्रोडक्शन को हर महीने 47 एयरक्राफ्ट तक बढ़ाना और साल के अंत तक 53 तक पहुंचाना है। हालांकि, हाल ही में वायरिंग की समस्याओं के कारण लगभग 25 विमानों की डिलीवरी अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। 777X प्रोग्राम में भी देरी है, और इसका सर्टिफिकेशन 2026 या 2027 तक होने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स 2026 की पहली तिमाही में नुकसान का अनुमान लगा रहे हैं, और प्रति शेयर आय (EPS) अनुमानों में गिरावट जारी है, जो डिलीवरी बढ़ने के बावजूद कंपनी पर वित्तीय दबाव को दर्शाता है।
मैनेजमेंट और गवर्नेंस के मुद्दे
737 MAX से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप सहित पिछले कानूनी मुद्दे और मॉनिटर संबंधी चिंताओं के कारण जज द्वारा प्ली डील को अस्वीकार करना, Boeing के गवर्नेंस और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
एनालिस्ट्स की राय
इन जोखिमों के बावजूद, कई एनालिस्ट्स Boeing के आउटलुक को लेकर सकारात्मक हैं। लगभग 74% से 85% एनालिस्ट्स स्टॉक को 'Buy' या 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं। मीडियन प्राइस टारगेट $250 से $275 तक है, जो 18% से 22% तक का अपसाइड दिखा रहा है। हालांकि, एनालिस्ट्स Boeing की अपनी योजनाओं को लागू करने की क्षमता पर भी चिंता जताते हैं। कंपनी की लॉन्ग-टर्म रिकवरी की कहानी को स्वीकार किया जाता है, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि क्या बढ़ा हुआ प्रोडक्शन जारी लागत और एग्जीक्यूशन चुनौतियों पर काबू पा सकेगा। निवेशक लगातार कैश जनरेशन के स्पष्ट संकेत देखना चाहते हैं, और पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की वित्तीय दिशा के बारे में अधिक स्पष्टता प्रदान करेंगे।
