Boeing ने अपने 737 MAX विमानों के ऑटोपायलट सॉफ्टवेयर में एक नई खामी पकड़ी है। इससे भारत की Akasa Air और Air India Express के लगभग **100** विमान प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते पायलटों को अब अतिरिक्त एहतियात बरतनी होगी।
क्या है तकनीकी समस्या?
यह दिक्कत मुख्य रूप से 'गो-अराउंड' (go-around) मैंतवर के दौरान आती है, जब पायलट लैंडिंग को बीच में ही रद्द कर विमान को दोबारा ऊपर ले जाने का फैसला करता है। इस दौरान अगर पायलट मैन्युअल रूप से ऊंचाई (altitude) में बदलाव करता है, तो ऑटोपायलट सिस्टम अचानक बंद हो सकता है। ऐसे में फ्लाइट को संभालने की पूरी जिम्मेदारी पायलट के हाथों में आ जाती है।
भारतीय एयरलाइंस पर असर
भारत की प्रमुख एयरलाइंस Akasa Air और Air India Express के बेड़े में शामिल करीब 100 विमान इस सॉफ्टवेयर कॉन्फ़िगरेशन का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, दोनों कंपनियों ने साफ किया है कि फिलहाल उनकी उड़ानें सुरक्षित हैं और वे Boeing के लगातार संपर्क में हैं। अभी एयरलाइंस का पूरा ध्यान अपने पायलटों के लिए मैन्युअल फ्लाइट प्रोसीजर को और ज्यादा मजबूत करने पर है।
ग्लोबल रेगुलेटर की नज़र
इस मामले को लेकर अमेरिकी रेगुलेटर FAA (Federal Aviation Administration) काफी सतर्क है। एजेंसी यह देख रही है कि क्या इसके लिए किसी खास निरीक्षण या सख्त आदेश की जरूरत है। चूँकि 2019-2020 में 737 MAX के साथ हुई पुरानी घटनाओं के बाद से ही इस प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, इसलिए यह नया सॉफ्टवेयर ग्लिच निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
अब आगे क्या?
फिलहाल Boeing इस सॉफ्टवेयर पैच को तैयार करने में जुटा है। एक बार जब यह फिक्स बन जाएगा और रेगुलेटर्स इसे मंजूरी दे देंगे, तब भारतीय एयरलाइंस को अपने पूरे फ्लीट में इसे अपडेट करना होगा। तब तक DGCA और FAA की गाइडलाइन्स के आधार पर ही सुरक्षा प्रोटोकॉल तय किए जाएंगे।
