Boeing के 737 MAX विमानों में लैंडिंग के दौरान सॉफ्टवेयर की समस्या सामने आई है। भारत में Air India Express और Akasa Air के पास ऐसे करीब 100 विमान हैं, जिससे भविष्य के विस्तार प्लान पर सवाल उठ रहे हैं।
Boeing ने अपने 737 MAX विमानों के फ्लाइट मैनेजमेंट कंप्यूटर में एक सॉफ्टवेयर खामी की पहचान की है, जो विशेष रूप से 'मिस्ड अप्रोच' (missed approach) के दौरान सामने आती है। यह ग्लिच विमान को वर्टिकल नेविगेशन मोड से बेसिक ऑटोमेशन पर ले आता है, जिससे पायलटों को पिच और नेविगेशन को मैन्युअल रूप से हैंडल करना पड़ता है। फिलहाल Boeing ने एयरलाइंस के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं और एक परमानेंट सॉफ्टवेयर पैच पर काम चल रहा है।
भारतीय एयरलाइंस पर असर
भारत के एविएशन सेक्टर के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि Air India Express और Akasa Air के पास अभी 96 Boeing 737 MAX विमान ऑपरेशन में हैं। हालांकि Akasa Air ने स्पष्ट किया है कि उनके ऑपरेशन्स सुरक्षित हैं, लेकिन कंपनी लगातार निर्माता के संपर्क में है।
ऑर्डर बुक और एक्सपेंशन रिस्क
भारतीय एयरलाइंस के पास Boeing के विभिन्न मॉडल्स जैसे 737 MAX, 777X और 787-9 के कुल 505 पेंडिंग ऑर्डर्स हैं। Air India और Akasa Air के 2032 तक के बड़े विस्तार प्लान इन विमानों की समय पर डिलीवरी पर निर्भर हैं। कोई भी तकनीकी देरी या उत्पादन में बाधा इन एयरलाइंस की ग्रोथ रणनीति को प्रभावित कर सकती है।
Boeing के सामने उत्पादन की चुनौती
सॉफ्टवेयर अपडेट के अलावा, Boeing के लिए अपनी प्रोडक्शन दर को 47 विमान प्रति माह बनाए रखना भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। उत्पादन में आ रही रुकावट और तकनीकी खामियों का सीधा असर उन एयरलाइंस पर पड़ रहा है जो नए विमानों के इंतज़ार में हैं। निवेशकों की नज़र अब इस बात पर है कि Boeing कब तक सॉफ्टवेयर पैच जारी करता है और उत्पादन की रफ्तार को कैसे पटरी पर लाता है।
