FAA ने Boeing 737 MAX के फ्लाइट कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर ग्लिच की जांच के लिए बोर्ड बैठाया है। हालांकि फ्लीट ग्राउंडिंग का खतरा नहीं है, लेकिन इस तकनीकी समस्या ने 737 MAX 10 की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को टाल दिया है। खबर के बाद से Boeing का शेयर करीब **6.9%** तक गिर चुका है।
क्या है तकनीकी पेंच?
FAA (Federal Aviation Administration) ने आज एक 'Corrective Action Review Board' की मीटिंग बुलाई है। मुद्दा Boeing के 737 MAX फ्लाइट कंप्यूटर के 'वर्टिकल नेविगेशन सिस्टम' से जुड़ा है। यह दिक्कत 'गो-अराउंड' (Go-around) मैन्युवर के दौरान सामने आती है, जब पायलट लैंडिंग को बीच में ही रद्द कर देता है। राहत की बात यह है कि रेगुलेटर ने इसे कोई बड़ा सेफ्टी रिस्क नहीं माना है और मौजूदा जहाजों को ग्राउंड करने की जरूरत नहीं है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
यह मामला Boeing के लिए इसलिए भारी पड़ रहा है क्योंकि कंपनी को 737 MAX 10 के फाइनल सर्टिफिकेशन का लंबे समय से इंतजार है। यह विमान कंपनी के ऑर्डर बैकलॉग को क्लियर करने और कैश फ्लो बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जब तक FAA तकनीकी ऑडिट पूरा नहीं करती, सर्टिफिकेशन की समय सीमा अधर में लटकी रहेगी।
स्टॉक पर असर
इस खबर के सामने आते ही मार्केट ने नेगेटिव रिस्पॉन्स दिया है। 28 सितंबर, 2026 से अब तक कंपनी का स्टॉक 6.9% नीचे फिसल चुका है। निवेशकों को डर है कि इस रेगुलेटरी जांच के कारण कंपनी पर नए सॉफ्टवेयर अपडेट और पायलट ट्रेनिंग का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
फिलहाल, Boeing ने एयरलाइंस को अंतरिम गाइडेंस दी है और सॉफ्टवेयर फिक्स पर काम कर रही है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि FAA का फैसला क्या आता है और डिलीवरी शेड्यूल पर इसका कितना गहरा असर पड़ेगा।
