Boeing के लिए राहत और मुसीबत एक साथ आई है। कंपनी के 737-10 जेट को FAA से सर्टिफिकेशन मिल गया है, लेकिन कंपनी ने 2026 के डिलीवरी टारगेट को मिस कर दिया है और प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना को 2027 की शुरुआत तक टाल दिया है।
बड़ी रेगुलेटरी जीत, पर ऑपरेशनल चुनौतियां बरकरार
अमेरिकी रेगुलेटर FAA ने 20 अक्टूबर 2026 को Boeing के सबसे बड़े 737 MAX वेरिएंट, यानी 737-10 को सर्टिफिकेशन दे दिया है। 230 यात्रियों की क्षमता वाला यह विमान अब कमर्शियल डिलीवरी के लिए तैयार है। हालांकि, यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी, क्योंकि कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजों ने निवेशकों को निराश कर दिया है।
क्यों टूटा शेयर?
27 अक्टूबर 2026 को Q3 नतीजों के ऐलान के बाद Boeing का स्टॉक 10% से ज्यादा गिर गया। इसका मुख्य कारण कंपनी का यह कबूलनामा है कि वह इस साल 500 विमानों की डिलीवरी का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएगी। कंपनी के सामने विंग प्रोडक्शन और फ्यूजलेज असेंबली में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसी वजह से अब 47 जेट प्रति महीने के प्रोडक्शन लक्ष्य को 2027 की शुरुआत तक के लिए आगे खिसका दिया गया है।
भारी बैक लॉग, पर कैश फ्लो की चिंता
कंपनी के पास $745 बिलियन का रिकॉर्ड बैक लॉग है, जो यह दिखाता है कि डिमांड में कोई कमी नहीं है। लेकिन बड़ी समस्या यह है कि इस बैक लॉग को रेवेन्यू और मुनाफे में कैसे बदला जाए। इसके अलावा, कंपनी ने 2027 के लिए अपने फ्री कैश फ्लो के टारगेट को घटाकर $3 बिलियन कर दिया है, जो कि पुरानी प्रोडक्शन समस्याओं और क्वालिटी कंट्रोल की लागत को दर्शाता है।
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि Boeing अपनी प्रोडक्शन लाइन्स को कितनी जल्दी स्टेबल कर पाती है। 777X प्रोग्राम को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे शेयर में आगे भी उतार-चढ़ाव रहने की पूरी संभावना है।
