Bharat Electronics ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **26.5%** बढ़कर **₹7,328 करोड़** पर पहुंच गया है, जो डिफेंस प्रोजेक्ट्स की मजबूत एग्जीक्यूशन का नतीजा है।
Bharat Electronics (BEL) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26.5% की तगड़ी ग्रोथ दर्ज की है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹7,328 करोड़ रहा, जिसकी बड़ी वजह डिफेंस क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का समय पर पूरा होना है।
ऑर्डर बुक का दम
कंपनी की भविष्य की कमाई की विजिबिलिटी काफी मजबूत नजर आ रही है। 1 अक्टूबर 2026 तक कंपनी के पास ₹68,717 करोड़ की भारी-भरकम ऑर्डर बुक मौजूद है। यह ऑर्डर बुक कंपनी की करीब दो साल की सालाना आय के बराबर है। रडार सिस्टम और QRSAM (Quick Reaction Surface to Air Missile) जैसे मिसाइल प्रोग्राम्स इस ऑर्डर पाइपलाइन के मुख्य इंजन बने हुए हैं।
प्रॉफिट और मार्जिन पर नजर
जहां टॉप-लाइन रेवेन्यू में बड़ी तेजी दिखी है, वहीं प्रॉफिट मार्जिन पर थोड़ा दबाव भी नजर आया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 20% बढ़कर ₹1,540 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA मार्जिन 154 बेसिस पॉइंट्स घटकर 27.85% पर आ गया। इसका मुख्य कारण प्रोजेक्ट मिक्स में बदलाव बताया जा रहा है, यानी इस बार ऐसे प्रोजेक्ट्स का एग्जीक्यूशन ज्यादा रहा जिनकी प्रॉफिटेबिलिटी थोड़ी कम थी।
भविष्य की रणनीति और रिस्क
कंपनी अब अपना फोकस हाई-टेक डिफेंस समाधानों जैसे कि ड्रोन और डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स पर शिफ्ट कर रही है। इसके लिए ₹1,200 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर और ₹2,200 करोड़ R&D के लिए तय किए गए हैं।
निवेशकों के लिए गौर करने वाली बात कंपनी का वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट है। कंपनी का ट्रेड रिसीवेबल्स (लेनदारी) रेवेन्यू की तुलना में तेजी से बढ़ा है, जिसका मतलब है कि काम तो पूरा हो रहा है, लेकिन कैश कलेक्शन में देरी हो रही है। हालांकि कंपनी डेट-फ्री है, जिससे उसके पास वित्तीय लचीलापन बना हुआ है, लेकिन आगे चलकर ऑर्डर को कैश में बदलने की रफ्तार और मार्जिन की स्थिरता ही शेयर की दिशा तय करेगी।
