नौसेना के लिए खास टेक्नोलॉजी
इस डील के तहत, BHEL को नौसेना के जहाजों के लिए गैस टरबाइन-इंफ्रारेड सप्रेशन सिस्टम (GT-IRSS) के निर्माण, इंस्टॉलेशन और संचालन का अधिकार मिल गया है। यह एडवांस्ड टेक्नोलॉजी भारत में ही DRDO की संस्था Naval Science & Technological Laboratory (NSTL) द्वारा विकसित की गई है। इस घरेलू सौदे की बाकी वित्तीय और अन्य शर्ते गुप्त रखी गई हैं।
'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा
यह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर BHEL के लिए डिफेंस सेक्टर में डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) की दिशा में एक अहम पड़ाव है। इससे सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल को बल मिलेगा, साथ ही भारत की नौसैनिक क्षमताओं में भी इजाफा होगा। BHEL अब एडवांस नौसेना सिस्टम्स के निर्माण में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
BHEL के नतीजे शानदार
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) के लिए अपने प्रोविजनल नतीजे भी पेश किए हैं, जो काफी प्रभावशाली हैं। BHEL का टर्नओवर (Turnover) पिछले साल के मुकाबले 18% बढ़कर लगभग ₹32,350 करोड़ रहा। वहीं, नए ऑर्डर ₹75,000 करोड़ के आए, जिससे कंपनी का कुल आउटस्टैंडिंग ऑर्डर बुक साल के अंत तक लगभग ₹2.4 लाख करोड़ तक पहुंच गया। पावर सेगमेंट में कंपनी ने लगभग ₹59,000 करोड़ के बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं।
शेयर का प्रदर्शन
इस खबर और मजबूत नतीजों के दम पर Bharat Heavy Electricals Limited के शेयर NSE पर 1.73% चढ़कर ₹354.60 पर बंद हुए।
