कर्नाटक को AxisCades के ₹6,000 करोड़ के निवेश से बड़ी सौगात
AxisCades Aerospace Infrastructure Private Limited कर्नाटक के औद्योगिक परिदृश्य को बढ़ावा देने के लिए ₹6,000 करोड़ का एक बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है। इस फंड से 200 एकड़ का एक एकीकृत हब स्थापित किया जाएगा, जो एयरोस्पेस, डिफेंस, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा। यह सुविधा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और मेंटेनेंस पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिसमें मिसाइल सब-सिस्टम और फाइटर एयरक्राफ्ट MRO जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित एक समर्पित रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी इस योजना का हिस्सा है।
चरणबद्ध निवेश और रोजगार सृजन लक्ष्य
यह निवेश तीन चरणों में बांटा जाएगा: शुरुआत में ₹1,290 करोड़, उसके बाद ₹2,898 करोड़, और अंत में ₹1,512 करोड़। इस चरणबद्ध दृष्टिकोण से रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिसमें कर्नाटक में अनुमानित 20,000 प्रत्यक्ष नौकरियां और अतिरिक्त 54,000 अप्रत्यक्ष पद शामिल हैं। हब की क्षमताओं में एयरोस्पेस और डिफेंस के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे रडार और सेंसर सिस्टम, के साथ-साथ लड़ाकू विमानों के लिए MRO सेवाएं शामिल होंगी, जो राष्ट्रीय रक्षा निर्माण लक्ष्यों का समर्थन करेंगी।
स्थान और इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं
AxisCades ने देवनहल्ली के पास जमीन की पहचान की है और वहां 1.8 किलोमीटर लंबे रनवे के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। राज्य अधिकारी इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। यदि देवनहल्ली में रनवे विकास में लॉजिस्टिकल समस्याएं आती हैं, तो हसन, विजयपुरा और शिवमोग्गा जैसे वैकल्पिक स्थानों पर भी विचार किया जा रहा है। कंपनी की मौजूदा देवनहल्ली यूनिट के साथ निकटता को प्राथमिकता देने का एक प्रमुख कारक है। कर्नाटक सक्रिय रूप से बड़े औद्योगिक निवेशों को आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है, विशेष रूप से एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे हाई-टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में, ताकि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को गति मिल सके।
बाजार संदर्भ और रणनीतिक फोकस
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब सरकार रक्षा और एयरोस्पेस में घरेलू विनिर्माण पर तेजी से जोर दे रही है। सेमीकंडक्टर और AI संचालन का समावेश तेजी से बढ़ते वैश्विक बाजारों में रणनीतिक विविधीकरण का संकेत देता है। परियोजना की सफलता प्रभावी निष्पादन, आपूर्ति श्रृंखला विकास और बाजार की मांग पर निर्भर करेगी। कुशल प्रतिभा को आकर्षित करना और बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा, साथ ही एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में आम नियामक निरीक्षण से निपटना भी आवश्यक होगा।
