Army Chief General Dhiraj Seth ने रूस की अपनी **3** दिवसीय यात्रा पूरी कर ली है। इस दौरे का मुख्य फोकस आर्टिलरी आधुनिकीकरण और जॉइंट कैपेबिलिटी बिल्डिंग पर रहा, जो भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
दौरे के मुख्य बिंदु
Army Chief General Dhiraj Seth ने रूस के सीनियर डिफेंस अधिकारियों, जिनमें डिप्टी मिनिस्टर ऑफ डिफेंस General Yunus-Bek Yevkurov शामिल हैं, के साथ अहम चर्चा की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सैन्य संबंधों को मजबूती देना और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (Technology Transfer) की संभावनाओं को तलाशना था।
डिफेंस सेक्टर और निवेशकों के लिए संकेत
रूस का दौरा सेंट पीटर्सबर्ग स्थित Mikhailovskaya Military Artillery Academy में ट्रेनिंग और आर्टिलरी मॉर्डनाइजेशन को समझने के साथ आगे बढ़ा। भारत की सैन्य ताकत का एक बड़ा हिस्सा रूसी हथियारों पर निर्भर है, इसलिए इस तरह की साझेदारी से Hindustan Aeronautics Limited (HAL), Bharat Electronics Limited (BEL) और Bharat Dynamics Limited (BDL) जैसी कंपनियों को मेंटेनेंस और अपग्रेडेशन के जरिए लॉन्ग-टर्म फायदा मिल सकता है।
रणनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री Narendra Modi और President Vladimir Putin के बीच हालिया BRICS समिट में हुई मुलाकातों के बाद, यह दौरा दोनों देशों की रणनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। BrahMos मिसाइल प्रोजेक्ट जैसी जॉइंट पहल यह साबित करती है कि 'Atmanirbhar Bharat' के दौर में भी विदेशी तकनीक के साथ तालमेल बिठाना सुरक्षा के लिहाज से कितना जरूरी है। आने वाले समय में बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कैसे ये हाई-लेवल मीटिंग्स नए प्रोडक्शन ऑर्डर्स और मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स में बदलती हैं।
