Apsis Aerocom IPO: बाज़ार गिरा, फिर भी निवेशकों की लगी लॉटरी! IPO हुआ 3.37 गुना सब्सक्राइब

AEROSPACE-DEFENSE
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AuthorNeha Patil|Published at:
Apsis Aerocom IPO: बाज़ार गिरा, फिर भी निवेशकों की लगी लॉटरी! IPO हुआ 3.37 गुना सब्सक्राइब
Overview

Apsis Aerocom के प्रीसिजन इंजीनियरिंग आईपीओ (IPO) को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला है। 11 मार्च 2026 को लॉन्च होते ही, बाज़ार में भारी गिरावट के बावजूद, पहले दिन ही यह आईपीओ **3.37** गुना सब्सक्राइब हो गया।

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बाज़ार की गिरावट के बीच भी आईपीओ की धूम

Apsis Aerocom के आईपीओ ने 11 मार्च 2026 को ज़बरदस्त शुरुआत की, अपने तय साइज़ से 3.37 गुना ज्यादा सब्सक्रिप्शन हासिल किया। यह शानदार डिमांड तब देखी गई जब देश के बड़े इक्विटी इंडेक्स मार्च महीने में 5% से ज़्यादा गिरे। ₹35.77 करोड़ के इस इश्यू में, जो पूरी तरह से फ्रेश इक्विटी का था, रिटेल निवेशकों ने 4.12 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 6.13 गुना बोली लगाकर अपना उत्साह दिखाया। हालांकि, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की तरफ से मांग थोड़ी कम दिखी।

कंपनी की खासियत और वैल्यूएशन

Apsis Aerocom एयरोस्पेस, डिफेंस और हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए प्रीसिजन कंपोनेंट्स और सर्विसेज़ बनाने में माहिर है। कंपनी के पास ISO 9001:2015 और AS9100D जैसी ज़रूरी सर्टिफिकेशन्स हैं। आईपीओ को ऊपरी कीमत ₹110 पर रखा गया है, जिससे कंपनी का प्री-आईपीओ वैल्यूएशन करीब ₹132.57 करोड़ आंका गया है। पोस्ट-आईपीओ यह ₹19.97 गुना हो जाता है, जबकि पीयर कंपनी Unimech Aerospace and Manufacturing Ltd. 225.90 गुना P/E पर ट्रेड कर रही है। ऐसे में Apsis Aerocom का वैल्यूएशन मौजूदा बाज़ार के हिसाब से ठीक लगता है।

बाज़ार की चुनौतियां और निवेशकों का रवैया

आजकल SME आईपीओ मार्केट में थोड़ी नरमी देखी जा रही है। 2026 की शुरुआत में लॉन्च हुए कई आईपीओ औसतन सिर्फ 2.8% का लिस्टिंग गेन दे पाए हैं, जो पिछले सालों से काफी कम है। 2025 के अंत के आंकड़ों के मुताबिक, कई SME आईपीओ अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं। Apsis Aerocom के लिए QIBs की कम मांग, बाज़ार की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए निवेशक थोड़े सतर्क नज़र आ रहे हैं। हाल में कंपनी के मुनाफे में हुई बढ़ोतरी को लेकर भी विश्लेषक इसकी सस्टेनेबिलिटी पर नज़र रखे हुए हैं। इसके अलावा, Apsis Aerocom के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी बहुत कम है, जो तुरंत लिस्टिंग गेन की उम्मीदों को कम करता है।

आगे की प्लानिंग और लिस्टिंग

Apsis Aerocom आईपीओ से जुटाए गए ₹27.02 करोड़ का इस्तेमाल नई मशीनरी खरीदने में करेगा, ताकि अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और प्रीसिजन स्किल्स को बढ़ाया जा सके। बाकी फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों के लिए किया जाएगा। यह निवेश डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर्स में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट करेगा, खासकर सरकारी 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों के चलते। कंपनी का लक्ष्य 18 मार्च 2026 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होना है, जो बाज़ार के फैसले को दर्शाएगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.