Apollo Micro Systems ने Premier Explosives में **41.33%** हिस्सेदारी **₹1,550 करोड़** में खरीदने का ऐलान किया है। इस डील से कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में अपनी पैठ मजबूत करेगी। निवेशक अब **₹698** प्रति शेयर पर अतिरिक्त **26%** हिस्सेदारी के लिए आने वाले ओपन ऑफर और इन दोनों स्पेशलाइज्ड डिफेंस कंपनियों के इंटीग्रेशन पर नज़र बनाए हुए हैं।
Apollo Micro Systems का डिफेंस सेक्टर में बड़ा कदम
इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सॉल्यूशंस में माहिर कंपनी Apollo Micro Systems ने Premier Explosives में 41.33% हिस्सेदारी ₹1,550 करोड़ में खरीदने के लिए एक पक्की डील का ऐलान किया है। इस अधिग्रहण से Apollo Micro Systems अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ा रही है। कंपनी Premier Explosives की हाई-एनर्जी मैटेरियल्स और प्रोपल्शन क्षमताओं को अपने मौजूदा डिफेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी बिजनेस में इंटीग्रेट करेगी।
ओपन ऑफर और ट्रांजैक्शन की डिटेल्स
शुरुआती हिस्सेदारी खरीदने के बाद, Apollo Micro Systems Premier Explosives के पब्लिक शेयरहोल्डर्स से 26% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक ओपन ऑफर लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस ऑफर का प्राइस ₹698 प्रति शेयर रखा गया है। इस पूरे अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के लिए कस्टमरी क्लोजिंग कंडीशंस, जिसमें ज़रूरी रेगुलेटरी अप्रूवल और शेयरहोल्डर क्लीयरेंस शामिल हैं, को पूरा करना होगा। कंपनी ने बताया है कि वे इस डील को दिसंबर 2026 में खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही तक पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं।
मार्केट का रिएक्शन और निवेशकों का फोकस
इस ऐलान के बाद दोनों कंपनियों के स्टॉक में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी गई। Apollo Micro Systems के शेयर में शुरुआत में 5% की तेजी आई, हालांकि बाद में कुछ बढ़त कम हो गई और यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 2.76% बढ़कर ₹409.30 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, Premier Explosives के शेयर NSE पर 2.61% गिरकर ₹695.35 पर कारोबार कर रहे थे। निवेशकों का तत्काल फोकस ओपन ऑफर के सफल एग्जीक्यूशन और मैनेजमेंट की दोनों एंटिटीज के बीच ऑपरेशनल सिनर्जी को हासिल करने की क्षमता पर है।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में स्ट्रैटेजिक विस्तार
Premier Explosives को रॉकेट मोटर्स, म्यूनिशंस और हाई-एनर्जी मैटेरियल्स के क्षेत्र में अपने काम के लिए जाना जाता है, जो एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के लिए बेहद अहम हैं। Premier Explosives को अपने साथ लाकर, Apollo Micro Systems खुद को और अधिक कॉम्प्लेक्स, एंड-टू-एंड डिफेंस प्रोजेक्ट्स को संभालने के लिए तैयार कर रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि इस इंटीग्रेशन का मकसद राष्ट्रीय डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करना और स्पेस प्रोग्राम्स में सॉवरेन विशेषज्ञता को बढ़ावा देना है।
निवेशक इस ट्रांजैक्शन की टाइमलाइन और इंटीग्रेशन स्ट्रेटेजी से संबंधित किसी भी आगामी डिस्क्लोजर पर नज़र रख सकते हैं। इस अधिग्रहण का वित्तीय प्रभाव, खासकर यह Apollo Micro Systems के डेट प्रोफाइल और संयुक्त प्रॉफिट मार्जिन्स को कैसे प्रभावित करता है, आने वाली तिमाहियों में महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल होगा। इसके अलावा, चूंकि डिफेंस सेक्टर कड़े रेगुलेटरी निगरानी और सरकारी खरीद नीतियों में बदलाव के अधीन है, इसलिए कंबाइंड एंटिटी की ऑर्डर बुक ग्रोथ को बनाए रखने की क्षमता लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन के लिए आवश्यक होगी।
