Apollo Micro Systems: ₹51 Cr के नए ऑर्डर, पर निवेशकों को सता रही वैल्यूएशन की चिंता!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Apollo Micro Systems: ₹51 Cr के नए ऑर्डर, पर निवेशकों को सता रही वैल्यूएशन की चिंता!
Overview

Apollo Micro Systems के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी को रक्षा मंत्रालय, सरकारी उपक्रमों (PSUs) और निजी ग्राहकों से कुल **₹51.02 करोड़** के नए ऑर्डर मिले हैं। इस घोषणा के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयर में **3.27%** की तेजी आई और यह **₹324.85** के स्तर पर बंद हुआ।

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रक्षा क्षेत्र में जोरदार तेजी के बीच Apollo Micro Systems को नए ऑर्डर

Apollo Micro Systems ने शुक्रवार को बताया कि उसे रक्षा मंत्रालय, सरकारी उपक्रमों (PSUs) और निजी ग्राहकों से ₹51.02 करोड़ के नए ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। इन ऑर्डरों से कंपनी की डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स की ऑर्डर बुक मजबूत हुई है। खास बात यह है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में गिरावट के बावजूद कंपनी के शेयर में यह तेजी देखी गई, जो इसकी स्टॉक-विशिष्ट मजबूती को दर्शाता है। इन नए बिजनेस में रक्षा मंत्रालय से ₹17.48 करोड़, रक्षा PSUs से ₹9.53 करोड़ और निजी कंपनियों से ₹24.02 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹11,200 करोड़ है।

नई लाइसेंसिंग और सरकारी पहलों से मजबूती

कंपनी को हाल ही में हाई-वैल्यू स्ट्रेटेजिक वेपन सिस्टम और म्यूनिशन बनाने के लिए एक लाइफटाइम सरकारी लाइसेंस भी मिला है। यह कदम कंपनी को एंड-टू-एंड प्लेटफॉर्म मैन्युफैक्चरिंग की ओर ले जाता है। भारत का रक्षा क्षेत्र सरकारी पहलों, बढ़ते डिफेंस बजट और वैश्विक बदलती गतिशीलता के कारण मजबूत विकास देख रहा है। यूनियन बजट 2027 (FY27) में रक्षा मंत्रालय के लिए ₹6.81 लाख करोड़ आवंटित किए गए थे। रक्षा एक्सपोर्ट्स ने भी FY24-25 में ₹23,622 करोड़ का रिकॉर्ड बनाया है।

वैल्यूएशन पर उठ रहे सवाल

Apollo Micro Systems को मिले इन ऑर्डरों और सेक्टर की मजबूती के बावजूद, कंपनी की वैल्यूएशन पर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 114.58 से 132.18 के बीच बताया जा रहा है। यह अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे Mazagon Dock Shipbuilders (34.6x P/E) और इंडस्ट्रियल सेक्टर के औसत (14.8x) से काफी अधिक है। वहीं, Bharat Electronics (BEL) और Hindustan Aeronautics (HAL) जैसी कंपनियां अलग-अलग वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रही हैं। विश्लेषकों के ₹280-300 के औसत 12-महीने के प्राइस टारगेट भी वर्तमान ट्रेडिंग प्राइस से नीचे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि भविष्य की ग्रोथ पहले से ही मौजूदा शेयर मूल्य में शामिल हो सकती है।

गलाकाट प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राह

कंपनी को अपने ऑर्डर जीत और सेक्टर विस्तार के बावजूद महत्वपूर्ण वैल्यूएशन रिस्क का सामना करना पड़ रहा है। उच्च P/E मल्टीपल्स भविष्य की कमाई में तेज वृद्धि की उम्मीदें दर्शाते हैं, जिन्हें लगातार पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। साथ ही, कंपनी बड़ी और स्थापित कंपनियों जैसे BEL और HAL के साथ-साथ Data Patterns और Zen Technologies जैसी विशिष्ट फर्मों के साथ भी प्रतिस्पर्धा करती है। स्टॉक ने पिछले एक साल में 178% से अधिक और पांच साल में 2,100% से अधिक का असाधारण प्रदर्शन देखा है।

एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगा भविष्य

भारतीय रक्षा विनिर्माण बाजार के 2031 तक लगभग USD 38.73 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 2026-2031 तक 4.05% की CAGR से वृद्धि की उम्मीद है। सरकार की नीतियां, जैसे कि मॉडर्नाइजेशन फंड के लिए 75% डोमेस्टिक सोर्सिंग अनिवार्य, Apollo Micro Systems जैसी कंपनियों के लिए ऑर्डर इनफ्लो जारी रख सकती हैं। ब्रोकरेज की राय, हालांकि सीमित विश्लेषकों पर आधारित है, 'स्ट्रांग बाय' कंसेंसस के साथ सकारात्मक बनी हुई है। हालांकि, निरंतर प्रदर्शन कंपनी की बढ़ी हुई मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को लगातार रेवेन्यू ग्रोथ में बदलने, अपनी उच्च वैल्यूएशन को मैनेज करने और प्रतिस्पर्धी बाजार में सफलता पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.