Q4 के दमदार नतीजों से रॉकेट हुआ शेयर
बुधवार को Apollo Micro Systems के शेयर 8% की बढ़त के साथ ₹368.70 के नए शिखर पर पहुंच गए। BSE पर भारी वॉल्यूम के साथ ट्रेडिंग हुई। यह एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी का शेयर मार्च में ₹180.80 के अपने निचले स्तर से 104% चढ़ चुका है। पिछले सिर्फ तीन ट्रेडिंग सेशन में 25% की तेजी आई, जबकि BSE Sensex में गिरावट देखी गई।
Q4 परफॉर्मेंस ने भरी उड़ान
जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY26) में कंपनी के शानदार प्रदर्शन ने शेयर की चाल को हवा दी है। डिफेंस और एयरोस्पेस प्रोजेक्ट्स में मजबूत एग्जीक्यूशन के दम पर रेवेन्यू 81% बढ़कर ₹293.3 करोड़ हो गया। EBITDA 88% बढ़कर ₹67.6 करोड़ रहा, जिसमें मार्जिन 23.1% तक सुधर गया। वहीं, नेट प्रॉफिट 163.5% की जोरदार छलांग के साथ ₹36.8 करोड़ पर पहुंच गया।
रणनीतिक निवेश और भविष्य की योजनाएं
Apollo Micro Systems ने अपने संशोधित IPO से मिले ₹595 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और नई टेक्नोलॉजी पर रिसर्च के लिए किया है। बाकी फंड R&D और सब्सिडियरी में निवेश के लिए रखे गए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक अब ₹1400 करोड़ से ज्यादा है, जो FY26 रेवेन्यू का लगभग 1.5 गुना है। मैनेजमेंट ने FY25-26 को एक 'ब्रेकथ्रू ईयर' बताया, जिसमें रिकॉर्ड रेवेन्यू, IDL Explosives का अधिग्रहण, UAV मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस और पहला एक्सपोर्ट ऑर्डर शामिल हैं।
डिफेंस के प्रमुख सेक्टर में विस्तार
आगे चलकर, Apollo Micro Systems FY2026-27 तक डिफेंस के अहम सेक्टर में उतरने की योजना बना रही है। इनमें मेन बैटल टैंक और आर्टिलरी के लिए आर्मामेंट इलेक्ट्रॉनिक्स और फायर कंट्रोल सिस्टम, साथ ही व्हीकल-माउंटेड काउंटर-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं। कंपनी इंडीजीनस रॉकेट सिस्टम और अगली पीढ़ी के आर्टिलरी प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है।
एनालिस्ट की राय (Analyst Views)
Choice Institutional Equities के एनालिस्ट्स का कहना है कि Q4 के नतीजे उनकी उम्मीदों से बढ़कर रहे। उनका मानना है कि सिस्टम-लेवल इंटीग्रेशन पर कंपनी का फोकस मीडियम-टर्म मार्जिन के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि, IDL के इंटीग्रेशन, प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव और ऑपरेशंस को बढ़ाने के कारण नियर-टर्म मार्जिन स्थिर रह सकते हैं। एक्सपोर्ट को मीडियम-टर्म ग्रोथ का बड़ा जरिया माना जा रहा है, लेकिन अप्रूवल में लगने वाले लंबे समय और पार्टनरशिप की जरूरत के चलते इसमें धीमी रफ्तार की उम्मीद है। इस ब्रोकरेज फर्म ने पहले ₹365 का टारगेट प्राइस दिया था, जिसे स्टॉक अब पार कर चुका है।
