Apollo Micro Systems: रिकॉर्ड नतीजों की कहानी
Apollo Micro Systems Limited (AMS) के वित्तीय नतीजे शानदार रहे हैं, खासकर डिफेंस सेक्टर (Defence Sector) में बढ़ती डिमांड का फायदा कंपनी को मिल रहा है। दिसंबर 2025 में समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹252.2 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 70% की भारी बढ़ोतरी है। वहीं, नौ महीनों (9M FY26) के लिए यह आंकड़ा ₹611.1 करोड़ पर पहुंचा, जिसमें 53% की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई।
नंबर्स क्या कहते हैं?
- Q3 FY26 (कंसोलिडेटेड): रेवेन्यू ₹252.2 करोड़ (+70% YoY)। EBITDA (अन्य आय को छोड़कर) ₹50.4 करोड़ (+33% YoY) रहा, मार्जिन 20.0% रहा। नेट प्रॉफिट (PAT) ₹22.9 करोड़ (+25% YoY) रहा, मार्जिन 9.1% रहा।
- 9M FY26 (कंसोलिडेटेड): रेवेन्यू ₹611.1 करोड़ (+53% YoY)। EBITDA ₹150.5 करोड़ (+61% YoY) रहा, जिसमें मार्जिन 24.6% पर पहुंच गया (+134 bps YoY)। नेट प्रॉफिट (PAT) ₹70.6 करोड़ (+67% YoY) रहा, मार्जिन 11.6% पर सुधरा (+100 bps YoY)।
- स्टैंडअलोन परफॉरमेंस: कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी मजबूत रहा, Q3 में 35% YoY और नौ महीनों में 40% YoY की ग्रोथ दर्ज की गई। इसी तरह, स्टैंडअलोन PAT में क्रमशः 66% और 94% की बढ़त देखी गई।
मुनाफे और मार्जिन की कहानी
हालांकि Q3 में कंसोलिडेटेड EBITDA ग्रोथ रेवेन्यू ग्रोथ से थोड़ी धीमी रही, लेकिन नौ महीनों में EBITDA में 61% का शानदार इजाफा हुआ। मार्जिन के मोर्चे पर, नौ महीनों के लिए कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन 134 bps और PAT मार्जिन 100 bps सुधरा। स्टैंडअलोन परफॉरमेंस में मार्जिन और भी तेजी से बढ़ते दिखे।
बैलेंस शीट और कर्ज का हाल
कंपनी के कर्ज (Borrowings) में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, जो FY24 के ₹208 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹335.3 करोड़ हो गया है। यह विस्तार योजनाओं के लिए कर्ज पर निर्भरता को दर्शाता है। FY25 में नेट ब्लॉक ₹172.2 करोड़ और कैपिटल वर्क इन प्रोग्रेस ₹72.2 करोड़ रहा। एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बात यह है कि वर्किंग कैपिटल साइकल (Working Capital Cycle) में सुधार हुआ है, जो FY24 के 600 दिन से घटकर FY25 में 445 दिन रह गया है। इसके साथ ही, इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) में भी सुधार हुआ है, जो FY24 के 2.4x से बढ़कर FY25 में 3.3x हो गया है। इससे पता चलता है कि बढ़े हुए कर्ज के बावजूद कंपनी की डेट चुकाने की क्षमता बेहतर हुई है।
आगे का रास्ता और जोखिम
कंपनी ने IDL Explosives के अधिग्रहण से होने वाली कमाई को छोड़कर अगले तीन सालों में 45-50% के महत्वाकांक्षी रेवेन्यू CAGR (Compound Annual Growth Rate) का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को ₹1305 करोड़ के मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book) और जारी ₹300 करोड़ की ग्रीनफील्ड विस्तार परियोजना (Greenfield Expansion Project) का समर्थन प्राप्त है। मुख्य जोखिमों में कर्ज का उच्च स्तर और वर्किंग कैपिटल के दिनों की बड़ी संख्या शामिल है, जिसके लिए लगातार निगरानी की आवश्यकता है। महत्वाकांक्षी विस्तार और R&D में निवेश (FY26 के लिए ₹100 करोड़) पर एक्जीक्यूशन का जोखिम भी है, जिसे मैनेज करना होगा। हालांकि, स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों और 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) पहल में कंपनी की मजबूत भागीदारी इसे अनुकूल मैक्रो माहौल दे रही है।
बड़ी तस्वीर और अवसर
IDL Explosives Ltd के अधिग्रहण के बाद, AMS खुद को एक एकीकृत टियर-1 डिफेंस OEM (Original Equipment Manufacturer) के तौर पर स्थापित कर रही है। सिस्टम से लेकर प्लेटफॉर्म तक, पूर्ण समाधान (Complete Solutions) प्रदान करने पर इसका ध्यान भारत के डिफेंस को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में है। R&D में कंपनी का निवेश और वैश्विक OEM बनने की इसकी मंशा लंबी अवधि के लिए महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर्स हैं। हाल ही में ACUITE द्वारा लॉन्ग टर्म के लिए A- और शॉर्ट टर्म के लिए A2+ की क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) में अपग्रेड ने कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया है।