Air India Boeing 787 Fuel Switch: पायलट की रिपोर्ट के बाद U.S. में टेस्टिंग के लिए भेजा गया

AEROSPACE-DEFENSE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Air India Boeing 787 Fuel Switch: पायलट की रिपोर्ट के बाद U.S. में टेस्टिंग के लिए भेजा गया
Overview

Air India ने अपने Boeing 787 विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच मॉड्यूल को अमेरिका टेस्टिंग के लिए भेजा है। यह कदम एक पायलट की उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया है जिसमें उन्होंने बताया कि इंजन स्टार्ट करने के दौरान स्विच 'RUN' से 'CUTOFF' पोजीशन में चला गया। यह एक एहतियाती कदम है, क्योंकि ऐसी ही स्विच समस्याओं के चलते एक घातक दुर्घटना हो चुकी है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।

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Air India Boeing 787 फ्यूल स्विच की जांच

Air India अपने Boeing 787 विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच मॉड्यूल को अमेरिका में बोइंग की एक फैसिलिटी में टेस्टिंग के लिए भेज रही है। यह कदम लंदन में 2 फरवरी को एक पायलट की रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। पायलट ने बताया कि इंजन स्टार्ट करते समय स्विच पर हल्का दबाव पड़ने से ही वह 'RUN' पोजीशन से 'CUTOFF' में चला गया। फ्लाइट को दिल्ली के लिए रवाना करने से पहले क्रू को स्विच को ठीक से लगाने के लिए तीन बार प्रयास करना पड़ा।

इंजन फ्यूल कंट्रोल मैकेनिज्म

ये फ्यूल कंट्रोल स्विच इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि गलती से इंजन को फ्यूल सप्लाई बंद न हो जाए, इसके लिए इनमें पुल-एंड-लॉक (pull-and-lock) फीचर होता है। इन पुर्जों पर इतना ध्यान इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि पिछले जून में अहमदाबाद में Air India के एक Boeing 787 विमान की घातक दुर्घटना हुई थी। शुरुआती जांच में यह संकेत मिला था कि टेक-ऑफ के बाद स्विच 'RUN' से 'CUTOFF' पोजीशन में चले जाने के कारण दोनों इंजनों में फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी। उस दुर्घटना का सटीक कारण अभी भी जांच के दायरे में है।

रेगुलेटरी निगरानी और निर्माता की भागीदारी

Air India के एक प्रवक्ता ने बताया कि बोइंग (Boeing) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पहले भी फ्यूल कंट्रोल स्विच मॉड्यूल को फंक्शनल पाया था। यह अतिरिक्त टेस्टिंग 'अत्यधिक सावधानी' (abundant caution) के तौर पर की जा रही है। हाल की घटना के बाद, Air India ने अपने सभी 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच लैच का निरीक्षण किया और कोई समस्या नहीं पाई। DGCA ने पहले Air India को बोइंग की फ्यूल कट ऑफ स्विच के ऑपरेटिंग प्रोसीजर को अपने पायलटों के साथ साझा करने की सलाह भी दी थी। DGCA अधिकारियों की देखरेख में किए गए निरीक्षणों में यह पुष्टि हुई थी कि इन स्विचों को अनलॉक करने के लिए आवश्यक बल स्वीकार्य सीमा के भीतर था।

पिछली चेतावनियां और सुरक्षा जांच

यह स्थिति 2018 की FAA (Federal Aviation Administration) की एक बुलेटिन जैसी है, जिसमें कुछ बोइंग फ्यूल कंट्रोल स्विच, जिनमें 787 पर इस्तेमाल होने वाले स्विच भी शामिल थे, के लॉकिंग मैकेनिज्म में संभावित समस्या का उल्लेख किया गया था। हालांकि यह शुरुआत में एक सलाह थी, AI-171 दुर्घटना के बाद DGCA ने भारत में अधिकांश बोइंग विमानों के लिए निरीक्षण अनिवार्य कर दिया था। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नियामकों से इस U.S. टेस्टिंग पर नजर रखने की उम्मीद है। AI-171 दुर्घटना, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी, की जांच में फ्यूल कंट्रोल स्विच का 'RUN' से 'CUTOFF' में जाना संभावित कारण बताया गया था, हालांकि विशिष्ट ट्रिगर की जांच अभी भी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है।

अगले कदम

विशिष्ट फ्यूल कंट्रोल स्विच मॉड्यूल की टेस्टिंग से इसके फंक्शन के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। यह Boeing 787 बेड़े की सुरक्षा प्रणालियों की चल रही जांच में मदद करेगा। Air India और नियामक निकाय सावधानीपूर्वक जांच और खुली प्रक्रियाओं के माध्यम से उच्च सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना चाहते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.