Adani Defence and Aerospace ने अपने बड़े विस्तार का ऐलान कर दिया है। कंपनी अगले **18 महीनों** में नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट इंजनों के लिए एक मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) फैसिलिटी तैयार करेगी, ताकि भारत के बढ़ते एविएशन मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की जा सके।
आत्मनिर्भर एविएशन का नया अध्याय
कंपनी के CEO आशीष राजवंशी ने 'Aviation India and South Asia 2026' कॉन्फ्रेंस में इस बड़े प्लान का खुलासा किया है। यह कदम भारत में एक इंटीग्रेटेड एविएशन इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है। भारत में कमर्शियल एयरक्राफ्ट फ्लीट के अगले एक दशक में 2,250 यूनिट्स तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।
एयर वर्क्स के बाद अगली बड़ी छलांग
कंपनी पहले ही 'Air Works' के अधिग्रहण के जरिए इस सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है। अब हाई-वैल्यू इंजन मेंटेनेंस को लोकलाइज करने से विदेशी MRO सेवाओं पर निर्भरता कम होगी। भविष्य में कंपनी इंजन के लिए फाइनल असेंबली लाइन पर भी विचार कर सकती है, जो एम्ब्रेयर (Embraer) के साथ उनकी हालिया पार्टनरशिप की तरह ही एक बड़ा रणनीतिक कदम होगा।
निवेशकों के लिए अहम बातें
Adani Enterprises के लिए यह एक कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट है। निवेशकों को कंपनी के कंसोलिडेटेड डेट लेवल्स और इंटरेस्ट कवरेज रेशियो पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इस तरह के हाई-प्रिसिजन प्रोजेक्ट्स के लिए भारी निवेश की जरूरत होती है। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी सरकारी मंजूरियों को कितनी तेजी से हासिल करती है और ग्लोबल एविएशन स्टैंडर्ड्स को कैसे मेंटेन करती है।
अगले कुछ महीनों में इस फैसिलिटी के कंस्ट्रक्शन की गति और फंडिंग मैनेजमेंट पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
