ATR का बड़ा दांव: $1 बिलियन की डील के बाद भारत में विमान बनाने पर कंपनी की नजर

AEROSPACE-DEFENSE
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
ATR का बड़ा दांव: $1 बिलियन की डील के बाद भारत में विमान बनाने पर कंपनी की नजर

रीजनल एयरलाइन Fly91 ने **40** ATR 72-600 विमानों का ऑर्डर दिया है, जिसकी वैल्यू करीब **$1 बिलियन** है। इस बड़ी डील के बाद ATR ने भारत में असेंबली लाइन लगाने के संकेत दिए हैं, लेकिन यह फैसला **200** से **300** विमानों की कुल डिमांड पर टिका है।

भारत में निर्माण की संभावना

Fly91 द्वारा 40 विमानों का फर्म ऑर्डर भारतीय एविएशन मार्केट के लिए एक बड़ा कदम है। इस डील के बाद ATR ने पुष्टि की है कि वे भारत में एयरक्राफ्ट असेंबली लाइन स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल, ATR वैश्विक स्तर पर सालाना 30 से 60 विमान बनाती है।

असेंबली लाइन के लिए बड़ी शर्त

हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने के लिए उन्हें कम से कम 200 से 300 विमानों के ऑर्डर की जरूरत होगी। केवल Fly91 का ऑर्डर इस बड़े कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए काफी नहीं है, कंपनी को अन्य भारतीय एयरलाइन्स से भी भारी मांग की उम्मीद है।

सेक्टर के सामने चुनौतियां

भारत का रीजनल एविएशन सेक्टर काफी रिस्की और हाई-कैपिटल वाला माना जाता है। SpiceJet और Alliance Air जैसी कंपनियों ने पहले ही फ्लीट और लिक्विडिटी के मोर्चे पर संघर्ष किया है। भविष्य में इस असेंबली लाइन का सपना तभी सच होगा जब रीजनल एयरलाइन्स लंबी अवधि में मुनाफा कमाएंगी और अपने फ्लीट का विस्तार करेंगी।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा

भारत अब ग्लोबल एयरोस्पेस कंपनियों के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनता जा रहा है। पहले भी Embraer और Adani Group के बीच स्थानीय असेंबली को लेकर चर्चा हो चुकी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या भारतीय बाजार एयरोस्पेस कंपनियों के लिए जरूरी ऑर्डर्स का बेस तैयार कर पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.