सीगॉल इंडिया लिमिटेड दोहरी रणनीति अपना रही है: एक परिपक्व एसेट को बेचना और मध्य प्रदेश में एक महत्वपूर्ण नया ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट हासिल करना।
एसेट मोनेटाइजेशन रणनीति
कंपनी की प्रबंधन समिति ने सीगॉल मलौत अबोहर साधुवाली हाईवेज प्राइवेट लिमिटेड में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने को अधिकृत कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य बैलेंस शीट को ऑप्टिमाइज़ करना और पूंजी को रीसायकल करना है, हालांकि इसके लिए अंतिम उचित परिश्रम (due diligence) और नियामक अनुमोदन की प्रतीक्षा है।
नया प्रोजेक्ट अधिग्रहण
साथ ही, सीगॉल इंडिया सीगॉल इंदौर उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे लिमिटेड की स्थापना कर रही है। यह नई इकाई हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत 48.10 किमी, चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे विकसित करेगी। इस प्रोजेक्ट का अवार्ड मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड से मिला है।
वित्तीय प्रदर्शन
सीगॉल इंडिया ने FY25 में ₹3,437 करोड़ की नेट सेल्स दर्ज की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.5% अधिक है। नेट प्रॉफिट में 5.6% की गिरावट आई है, जो ₹287 करोड़ रहा। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹4,000 करोड़ से अधिक है और ऑर्डर बुक ₹12,598 करोड़ का है। इसके शेयर 19x के PE पर ट्रेड हो रहे हैं, ROE 21% और ROCE 19% है।
मार्केट प्रदर्शन
स्टॉक अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹229 से 24% ऊपर है, लेकिन 52-सप्ताह के उच्च स्तर ₹383 से अभी भी 17% नीचे है।
आउटलुक
यह रणनीतिक पुनर्संरेखण भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सीगॉल इंडिया की मजबूत विकास आकांक्षाओं को उजागर करता है।