AI दवा की खोज को गति देगा
Nvidia Corp. ने एल. आई. लिली एंड कंपनी के साथ एक संयुक्त प्रयोगशाला में पांच वर्षों में 1 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना की घोषणा की है। सिलिकॉन वैली में बनने वाली यह सुविधा फार्मास्युटिकल अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को तेज करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस साझेदारी का उद्देश्य दवा की खोज की श्रमसाध्य प्रक्रिया को गति देना है, जो वर्तमान में मानव शोधकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले भौतिक प्रयोगों पर बहुत अधिक निर्भर करती है।
रणनीतिक बाजार विस्तार
यह निवेश Nvidia की रणनीति को उजागर करता है, जिसमें वह अपनी वित्तीय ताकत और AI चिप प्रभुत्व का लाभ उठाकर नए बाजारों का पोषण करना चाहता है। जबकि Nvidia दुनिया की सबसे मूल्यवान निगम है और AI एक्सेलेरेटर के बाजार का नेतृत्व करती है, इसका अधिकांश राजस्व कुछ बड़े तकनीकी ग्राहकों से आता है। कंपनी स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल उद्योग में अपनी तकनीक के लिए महत्वपूर्ण क्षमता देखती है, जो प्रयोगशाला सत्यापन को स्वचालित करने और नई दवा यौगिकों की खोज को सुव्यवस्थित करने में मदद कर सकती है।
फार्मा R&D का भविष्य
Nvidia की स्वास्थ्य सेवा की उपाध्यक्ष, किम्बर्ली पॉवेल ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान में प्रयोगशाला की गति में मानव क्षमता ही बाधा है। संयुक्त प्रयोगशाला AI इंजीनियरों और दवा कंपनी के शोधकर्ताओं के बीच सहयोग को सुविधाजनक बनाएगी, जिससे कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर को उन कार्यों को करने के लिए परिष्कृत किया जा सकेगा जो पारंपरिक रूप से मनुष्यों द्वारा किए जाते थे। Nvidia स्वास्थ्य सेवा के लिए अपने ओपन-सोर्स AI मॉडल के सूट का भी विस्तार कर रही है और प्रयोगशाला उपकरणों और अनुसंधान प्रक्रियाओं को और अधिक स्वचालित करने के लिए थर्मो फिशर साइंटिफिक इंक. और मल्टीप्लाई लैब्स के साथ सहयोग कर रही है। यह पहल एल. आई. लिली को AI-संचालित दवा की खोज में सबसे आगे रखती है, जो फार्मास्युटिकल कंपनी के स्वामित्व वाले सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर को विकसित करने के उनके पहले के समझौते पर आधारित है।