एआई आईटी ग्रोथ को बढ़ावा दे रहा है: कोफोर्ज सीईओ सुधीर सिंह ने भविष्य की सफलता के राज खोले!

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AuthorAditi Chauhan | Whalesbook News Team

Overview

कोफोर्ज के सीईओ सुधीर सिंह का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आईटी फर्मों के लिए एक शक्तिशाली ग्रोथ टेलविंड है, न कि मंदी लाने वाला बल। उन्होंने 2026 तक सफलता के लिए एआई फ्लुएंसी, मजबूत डील मोमेंटम, और रेवेन्यू पर एम्प्लॉई और डील वेलोसिटी जैसे मेट्रिक्स को महत्वपूर्ण संकेतक बताया। कोफोर्ज बिज़नेस-लेड एआई समाधानों को बढ़ावा दे रहा है, टेक बजट को लचीला बना रहा है और महत्वपूर्ण वृद्धि हासिल कर रहा है।

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AI: एक ग्रोथ इंजन, लागत घटाने वाला नहीं

कोफोर्ज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुधीर सिंह ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के भविष्य के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंदी पैदा करने वाले दबाव के बजाय एक महत्वपूर्ण ग्रोथ टेलविंड (वृद्धि सहायक कारक) है। ET Now के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, सिंह ने इस बात पर बल दिया कि AI की असली क्षमता नवाचार और परिवर्तन को बढ़ावा देने में है, जिससे समाधान-उन्मुख (solution-driven) आईटी कंपनियों के लिए व्यावसायिक परिदृश्य का विस्तार होगा।

उन्होंने कहा कि AI दक्षता ला सकता है जो सैद्धांतिक रूप से मौजूदा संचालन में लागत कम कर सकती है, लेकिन इसका प्राथमिक प्रभाव नए अवसर पैदा करना है। यह दृष्टिकोण AI के कारण होने वाली नौकरियों की छंटनी या खर्च में कमी की आम चिंताओं को चुनौती देता है। इसके बजाय, कोफोर्ज का दृष्टिकोण AI का उपयोग टेक्नोलॉजी बजट को अधिक लचीला बनाने और व्यवसाय-संचालित नवाचार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

भविष्य के आईटी लीडर्स को परिभाषित करना

सिंह ने 2026 तक अग्रणी आईटी फर्मों को अलग करने वाले महत्वपूर्ण कारकों की रूपरेखा बताई। उन्होंने "AI फ्लुएंसी" - यानी, ग्राहक आधार और आंतरिक संचालन में AI को लागू करने की गहरी समझ और क्षमता - को सर्वोपरि बताया। इसके साथ ही, बड़े सौदों (deals) को सुरक्षित करने की गति (momentum) भी महत्वपूर्ण है, जो भविष्य की राजस्व धाराओं और ग्राहक विश्वास का संकेत देती है।

इनके अलावा, नए प्रदर्शन मेट्रिक्स (performance metrics) उभर रहे हैं। पारंपरिक वित्तीय संकेतकों को "डील वेलोसिटी" (सौदों की गति) और "रेवेन्यू पर एम्प्लॉई" (प्रति कर्मचारी राजस्व) पर अधिक ध्यान केंद्रित करके पूरक किया जा रहा है। ये मेट्रिक्स AI युग में आईटी सेवा प्रदाताओं के वास्तविक मूल्यवर्धन और दक्षता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। सिंह ने नोट किया कि ये अग्रणी संकेतक पिछली राजस्व वृद्धि जैसे पिछड़ने वाले मेट्रिक्स की तुलना में भविष्य की वृद्धि का अधिक प्रभावी ढंग से अनुमान लगाते हैं।

कोफोर्ज का रणनीतिक दृष्टिकोण और विकास

कोफोर्ज ने व्यवसाय-संचालित AI समाधानों पर ध्यान केंद्रित करके खुद को रणनीतिक रूप से स्थापित किया है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य ग्राहकों की मुख्य व्यावसायिक चुनौतियों का समाधान करना है, जिससे प्रौद्योगिकी निवेश अधिक न्यायसंगत और प्रभावशाली बन सकें। सिंह ने संकेत दिया कि इस रणनीति ने कंपनी के प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें कोफोर्ज ने पिछले साल 31 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की और चालू वर्ष की पहली छमाही में 38 प्रतिशत की त्वरित वृद्धि हासिल की।

कंपनी का ध्यान ग्राहकों के लिए मूर्त व्यावसायिक परिणाम (tangible business outcomes) प्राप्त करने पर है, जो केवल ऑर्डर पूरा करने से आगे बढ़कर है। इस व्यवसाय-केंद्रित मॉडल को विकसित हो रहे आईटी परिदृश्य में निरंतर वृद्धि और बाजार नेतृत्व को अनलॉक करने की कुंजी माना जाता है।

सेक्टर-वार AI को अपनाना

सिंह ने आईटी उद्योग के भीतर कई प्रमुख उप-क्षेत्रों में महत्वपूर्ण AI-संचालित व्यवधानों (disruptions) और विकास के अवसरों पर प्रकाश डाला। ट्रैवल सेक्टर में, AI "वन ऑर्डर, वन ऑफर" (one order, one offer) जैसे समाधानों के माध्यम से एयरलाइन और हवाई अड्डा संचालन को बदल रहा है, जिससे ग्राहक अनुभव सुव्यवस्थित हो रहे हैं।

कैपिटल मार्केट्स के लिए, AI नियामक अनुपालन (regulatory compliance), ग्राहक अधिग्रहण रणनीतियों (customer acquisition strategies) और ग्राहक प्रतिधारण (client retention) प्रयासों को बढ़ाने में अपरिहार्य साबित हो रहा है। बीमा क्षेत्र, विशेष रूप से स्पेशियलिटी बीमा, बढ़ती भू-राजनीतिक जटिलताओं और अनिश्चितताओं के बीच नए उत्पादों और प्लेटफार्मों के निर्माण में तेजी लाने के लिए AI को अपनाने में तेजी ला रहा है।

निवेशक मेट्रिक्स में बदलाव

चर्चा में उन उभरते मेट्रिक्स पर भी गौर किया गया जिन पर निवेशकों और फर्मों को नजर रखनी चाहिए। सिंह ने केवल राजस्व और EBITDA पर ध्यान केंद्रित करने से हटकर आगे बढ़ने का सुझाव दिया। उन्होंने EBIT (ब्याज और करों से पहले की कमाई) के बढ़ते महत्व की ओर इशारा किया, जो विलय और अधिग्रहण से होने वाले परिशोधन (amortization) और मूल्यह्रास (depreciation) को ध्यान में रखता है, जो एक आम प्रवृत्ति बन रहा है।

सिंह ने टिप्पणी की, "EBIT, EBITDA जितना ही महत्वपूर्ण हो जाएगा, यहां तक कि हमारे जैसी फर्मों के लिए आंतरिक रूप से भी।" इसके अलावा, "रेवेन्यू पर एम्प्लॉई" सेवा वितरण की गुणवत्ता और ग्राहकों द्वारा मूल्य की पहचान का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण मीट्रिक बना रहेगा। बड़े सौदों की गति (velocity) और औसत आकार (median size) को अब ऐतिहासिक राजस्व आंकड़ों की तुलना में भविष्य की वृद्धि का अधिक भविष्य कहनेवाला माना जा रहा है।

Impact

यह खबर भारतीय आईटी क्षेत्र में निवेशकों के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, जो रणनीतिक दिशाओं और भविष्य के विकास चालकों में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। यह प्रौद्योगिकी खंड में निवेश निर्णयों और स्टॉक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। विकास उत्प्रेरक के रूप में AI पर सीईओ का आशावादी दृष्टिकोण उन कंपनियों के लिए एक सकारात्मक कथा प्रदान करता है जो मजबूत AI क्षमताओं और रणनीतिक अनुकूलन का प्रदर्शन करती हैं। नए, भविष्योन्मुखी मेट्रिक्स पर जोर कंपनी मूल्यांकन का अधिक सूक्ष्म विश्लेषण प्रोत्साहित करता है।

Impact Rating: 8/10

Difficult Terms Explained

  • Artificial Intelligence (AI): एक ऐसी तकनीक जो मशीनों को ऐसे कार्य करने में सक्षम बनाती है जिनके लिए आमतौर पर मानवीय बुद्धिमत्ता की आवश्यकता होती है, जैसे सीखना, समस्या-समाधान और निर्णय लेना।
  • Deflationary: जो वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य कमी का कारण बनता है, जो अक्सर कम मांग या बढ़ी हुई दक्षता से जुड़ा होता है जो लागतों को काफी कम कर देता है।
  • Growth Tailwind: एक ऐसा कारक या स्थिति जो आर्थिक या व्यावसायिक विकास को सकारात्मक रूप से प्रभावित और समर्थन करता है, जिससे विस्तार प्राप्त करना आसान हो जाता है।
  • AI Fluency: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को प्रभावी ढंग से विकसित करने, लागू करने और लाभ उठाने की एक व्यापक क्षमता और गहरी समझ।
  • Elastic Tech Budgets: वे प्रौद्योगिकी बजट जो व्यावसायिक आवश्यकताओं और निवेश पर कथित रिटर्न के आधार पर लचीले ढंग से विस्तारित या सिकुड़ सकते हैं, अक्सर नवीन समाधानों द्वारा संचालित होते हैं।
  • Deal Velocity: वह गति जिस पर किसी कंपनी द्वारा नए सौदे या अनुबंध हस्ताक्षरित और बंद किए जाते हैं।
  • Revenue Per Employee: एक वित्तीय मीट्रिक जिसे कंपनी के कुल राजस्व को कुल कर्मचारियों की संख्या से विभाजित करके गणना की जाती है, जो उत्पादकता को इंगित करता है।
  • EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization): कंपनी के परिचालन प्रदर्शन का एक माप, जिसमें गैर-परिचालन व्यय शामिल नहीं हैं।
  • EBIT (Earnings Before Interest and Taxes): कंपनी के परिचालन लाभ का एक माप, जिसमें ब्याज और कर व्यय शामिल नहीं हैं, और महत्वपूर्ण रूप से, मूल्यह्रास और परिशोधन शामिल हैं।

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