टाटा स्टील लिमिटेड ने सोमवार, 12 जनवरी, 2026 को घोषणा की कि ओडिशा उच्च न्यायालय ने अपने सुकिंदा क्रोमाइट ब्लॉक से संबंधित ₹1,900 करोड़ और ₹2,410 करोड़ की दो महत्वपूर्ण मांग नोटिसों वाले कानूनी विवादों में अंतरिम राहत बढ़ा दी है। कंपनी द्वारा दायर रिट याचिकाओं में यह विस्तार किया गया है, और इन मामलों की अगली सुनवाई 19 जनवरी, 2026 को निर्धारित है। पहली मांग, ₹1,902.72 करोड़ की, जाजपुर के उप निदेशक खान द्वारा 3 जुलाई, 2025 को जारी की गई थी। यह चौथे वर्ष के लिए खान विकास और उत्पादन समझौते के तहत कथित खनिज प्रेषण में कमी के कारण है। नोटिस में खनिज रियायत नियम, 2016 के नियम 12-A के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया था। टाटा स्टील ने 8 अगस्त, 2025 को ओडिशा उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर कर इस नोटिस को चुनौती दी थी। अदालत ने शुरू में 14 अगस्त, 2025 को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। दूसरी मांग नोटिस, ₹2,410.89 करोड़ की, टाटा स्टील को 3 अक्टूबर, 2025 को प्राप्त हुई। यह समझौते के पांचवें वर्ष के दौरान, 23 जुलाई, 2024 से 22 जुलाई, 2025 तक, कथित तौर पर क्रोम अयस्क के प्रेषण में कमी से संबंधित है। कंपनी ने 29 अक्टूबर, 2025 को एक और रिट याचिका दायर कर जवाब दिया। अदालती आदेशों के अनुसार, ओडिशा उच्च न्यायालय ने अब दोनों मामलों में अंतरिम सुरक्षा को और बढ़ा दिया है। यह सुनिश्चित करता है कि अधिकारियों को 19 जनवरी, 2026 तक, जब मामलों की अगली सुनवाई होगी, तब तक टाटा स्टील के खिलाफ कोई भी जबरन वसूली कार्रवाई शुरू करने से रोका गया है। यह खबर ऐसे समय आई है जब टाटा स्टील के शेयर बीएसई पर ₹183.30 पर बंद हुए, जो 2.75% की वृद्धि दर्शाता है।
टाटा स्टील को ₹4.3 अरब टैक्स मांगों पर अदालत से मिली राहत
INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Overview
टाटा स्टील लिमिटेड को ₹4,313.61 करोड़ की दो महत्वपूर्ण मांग नोटिसों के संबंध में ओडिशा उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत की अवधि बढ़ा दी गई है। अदालत ने कथित खनिज प्रेषण की कमी और नियमों के उल्लंघन से संबंधित इन मामलों की अगली सुनवाई 19 जनवरी, 2026 तक के लिए टाल दी है। यह कानूनी राहत, चल रहे विवादों के बीच इस घरेलू स्टील दिग्गज को अस्थायी राहत प्रदान करती है।
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