उर्वरक निर्माता बजट सुधारों के लिए जोर दे रहे हैं
भारतीय माइक्रो-फर्टिलाइजर्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IMMA) ने आगामी केंद्रीय बजट 2026 के लिए अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। यह समूह नीतिगत बदलावों की वकालत कर रहा है, जिसमें उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) के तहत विनियमित सभी उर्वरकों पर 5% वस्तु एवं सेवा कर (GST) का विस्तार शामिल है।
कार्यशील पूंजी की चिंताओं का समाधान
IMMA के अध्यक्ष राहुल मिराचंदानी ने उलटे कर ढांचे (inverted duty structure) के निरंतर मुद्दे पर प्रकाश डाला। निर्माताओं को अपने तैयार उत्पादों की तुलना में कच्चे माल पर उच्च GST का भुगतान करने का बोझ उठाना पड़ता है। इस विसंगति के परिणामस्वरूप इनपुट टैक्स क्रेडिट जमा हो जाते हैं, जो इन व्यवसायों की आवश्यक कार्यशील पूंजी को बांध देते हैं।
तेज रिफंड और एकीकृत लाइसेंसिंग का आह्वान
एसोसिएशन ने अतिरिक्त GST क्रेडिट की तीव्र वापसी की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया। मिराचंदानी ने नोट किया कि तेज रिफंड सीधे कार्यशील पूंजी के तनाव को कम करेंगे, जिससे निर्माताओं को उत्पाद की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और किसान आउटरीच कार्यक्रमों में निवेश बढ़ाने की शक्ति मिलेगी। IMMA ने 'एक राष्ट्र, एक लाइसेंस' प्रणाली का भी प्रस्ताव दिया है, जिसमें सभी राज्यों द्वारा सुलभ एक ऑनलाइन डेटाबेस होगा ताकि विपणन अनुमतियों में तेजी लाई जा सके और कई राज्य-विशिष्ट लाइसेंस प्राप्त करने से जुड़े नौकरशाही में देरी और लागत को कम किया जा सके।