Western Carriers (India) Ltd ने कोलकाता डॉक सिस्टम में अपना नया जनरल कार्गो टर्मिनल शुरू कर दिया है। Syama Prasad Mookerjee Port Authority के साथ हुए **15 साल** के करार के तहत यह सुविधा अब Eastern Railway लाइनों से सीधी जुड़ गई है।
क्या है यह नई शुरुआत?
Western Carriers (India) Ltd ने कोलकाता डॉक सिस्टम के GCD यार्ड में अपनी पहली बड़ी लॉजिस्टिक्स सुविधा का उद्घाटन किया है। यह कंपनी का पूर्वी तट (East Coast) पर पहला बड़ा कदम है। यह टर्मिनल पूरी तरह से ड्राई बल्क, ब्रेक-बल्क और सभी स्टैंडर्ड शिपिंग कंटेनरों को संभालने में सक्षम है।
क्यों है यह रणनीतिक रूप से अहम?
यह टर्मिनल कंपनी के 4PL (फोर्थ-पार्टी लॉजिस्टिक्स) मॉडल के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अब कोलकाता डॉक सिस्टम सीधे Eastern Railway (सियालदह और बज-बज सेक्शन) से जुड़ गया है। इससे कंपनी गुजरात में स्थित अपने 42 एकड़ के टर्मिनल और पूर्वी तट के बीच निर्बाध मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट (Multimodal Transport) प्रदान कर सकेगी।
आगे की योजना और निवेश
फिलहाल इसका फेज-I चालू हो चुका है। कंपनी ने फेज-II के सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अगले 90 दिनों के भीतर ₹13.68 करोड़ का निवेश तय किया है, जिसका लक्ष्य क्षमता को अधिकतम करना है।
निवेशकों के लिए सावधानी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ₹13.68 करोड़ का निवेश शुरुआती अनुमान है। साइट डेवलपमेंट के दौरान इसमें बदलाव हो सकता है, इसलिए एग्जीक्यूशन रिस्क पर नजर रखना जरूरी है। अगली तिमाही के नतीजों में कार्गो वॉल्यूम की ग्रोथ ही यह तय करेगी कि यह प्रोजेक्ट कंपनी के प्रॉफिट को कितनी मजबूती देता है।
