Western Carriers (India) Ltd ने गुजरात के देवलिया में अपना **42 एकड़** का 'गति शक्ति' कार्गो टर्मिनल पूरी तरह से शुरू कर दिया है। यह टर्मिनल सिरेमिक और नमक जैसे प्रमुख उद्योगों की लॉजिस्टिक्स जरूरतों को पूरा करेगा।
गुजरात में कंपनी का बड़ा दांव
Western Carriers (India) Ltd ने अपने नए 'गति शक्ति' कार्गो टर्मिनल (GSCT) का कमर्शियल ऑपरेशन आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 15 सितंबर, 2026 को इस महत्वपूर्ण सुविधा का उद्घाटन किया था, जो अब पूरी तरह से चालू हो गई है।
क्यों है यह टर्मिनल खास?
यह 42 एकड़ में फैला टर्मिनल एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में काम करेगा। यहाँ कंटेनर और वैगन रेक दोनों की सुविधा उपलब्ध है। इस टर्मिनल का फोकस सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित सिरेमिक इंडस्ट्री पर है, जो भारत की 80% घरेलू मांग को पूरा करती है। इसके अलावा, मालिया सॉल्ट-प्रोड्यूसिंग बेल्ट के लिए भी यह सप्लाई चेन को बेहद आसान बना देगा।
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर मजबूती
कंपनी ने हाल ही में 11 सितंबर, 2026 को कोलकाता डॉक सिस्टम में भी अपना जनरल कार्गो टर्मिनल शुरू किया था। लगातार हो रहे इन डेवलपमेंट से यह साफ है कि कंपनी 'पीएम गति शक्ति' नेशनल मास्टर प्लान के तहत पूरे देश में अपने ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आगे की राह (Future Outlook)
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि मोरबी की इस सुविधा को आने वाले समय में और बड़ा किया जाएगा। भविष्य की योजनाओं में इनलैंड कंटेनर डिपो का निर्माण और केमिकल, फर्टिलाइजर व MSME सेक्टर के लिए वेयरहाउसिंग क्षमता बढ़ाना शामिल है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को सलाह है कि वे इस नई सुविधा के ऑपरेशनल प्रदर्शन और गुजरात के कॉम्पिटिटिव लॉजिस्टिक्स मार्केट पर नजर रखें। कंपनी की सफलता काफी हद तक स्थानीय सिरेमिक और नमक उद्योगों की मांग और इंडियन रेलवे के साथ कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगी।
