Transport Corporation of India (TCI) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹116.9 करोड़** रहा, साथ ही बोर्ड ने **₹300 करोड़** के NCD जारी करने और TCI Seaways के लिए नए नेतृत्व को मंजूरी दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Transport Corporation of India (TCI) के दूसरी तिमाही के नतीजों में कंपनी ने स्थिरता दिखाई है। सितंबर 2026 में समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹1,388.0 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,204.9 करोड़ था। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट मामूली बढ़त के साथ ₹116.9 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹113.5 करोड़ था।
नई रणनीति और फंड जुटाने की तैयारी
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को विस्तार देने के लिए बड़े फैसले लिए हैं। बोर्ड ने ₹300 करोड़ तक के सुरक्षित, लिस्टेड और नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की अनुमति दी है। हालांकि, निवेशकों को इन NCDs की ब्याज दरों और अवधि पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इससे कंपनी पर भविष्य में कर्ज का बोझ बढ़ सकता है।
नेतृत्व में बदलाव
कंपनी ने TCI Seaways डिवीजन के लिए बड़े बदलाव किए हैं। 2005 से कंपनी से जुड़े अनुभवी भुदेव भूषण गिरी को CEO-डेजिग्नेट (CEO-Designate) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति का उद्देश्य कंपनी के समुद्री कारोबार की कार्यक्षमता और मुनाफे को बढ़ाना है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
कंपनी में चल रहा शेयर बायबैक (Share Buyback) और अब नया कर्ज लेना—ये दो ऐसे फैक्टर्स हैं जो आने वाले समय में मार्जिन पर असर डाल सकते हैं। अब मार्केट की नजरें इस पर टिकी हैं कि एग्जीक्यूटिव ऑथराइजेशन कमेटी NCDs की शर्तों को कैसे तय करती है और नया नेतृत्व समुद्री कारोबार में क्या नई वैल्यू ऐड करता है।
