Tiger Logistics के लिए दूसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी का रेवेन्यू **33.4%** बढ़कर **₹225.14 करोड़** पहुंच गया है, वहीं बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के चलते नेट प्रॉफिट में **32.2%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के लिए 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि बिजनेस का दायरा तो बढ़ा है, लेकिन लागत प्रबंधन फिलहाल बड़ी चुनौती बना हुआ है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹5.85 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹8.62 करोड़ था। इस वजह से कंपनी का बेसिक EPS घटकर ₹0.57 पर आ गया है।
क्यों बढ़े खर्च?
नतीजों में सबसे बड़ी चिंता ऑपरेटिंग खर्चों में आई उछाल है। पिछले साल के ₹149.46 करोड़ के मुकाबले, इस बार ऑपरेटिंग खर्च बढ़कर ₹209.66 करोड़ पहुंच गए हैं। कुल खर्च ₹219.91 करोड़ तक पहुंच जाने के कारण मुनाफे के मार्जिन पर गहरा दबाव दिख रहा है।
आगे की राह (Investor Outlook)
कंपनी के ऑडिटर्स 'Garg Agrawal & Agrawal' ने अपनी रिपोर्ट में इन आंकड़ों को 'Ind AS' के अनुरूप बताया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह बढ़ता हुआ खर्च भविष्य के विस्तार के लिए किया गया निवेश है या फिर लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ती महंगाई का असर है। आने वाली तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी ही स्टॉक के लिए असली टेस्ट होगी।
