Tiger Logistics (India) ने FY26 के नतीजों में **6.8%** की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹572.82 करोड़** का आंकड़ा पार किया, लेकिन नेट प्रॉफिट **19.8%** घटकर **₹21.68 करोड़** रह गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹536.31 करोड़ से बढ़कर ₹572.82 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, मुनाफे में कमी के साथ ही अर्निंग पर शेयर (EPS) भी पिछले साल के ₹2.56 से घटकर ₹2.05 रह गया है।
मार्जिन पर क्यों पड़ा दबाव?
प्रॉफिट मार्जिन 5.04% से गिरकर 3.76% पर आ गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि ईरान-यूएस कॉरिडोर में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ऑपरेशनल लागत बढ़ गई है, जिसने कंपनी के बॉटम लाइन को सीधे प्रभावित किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
रेटिंग एजेंसी Infomerics Valuation and Rating Limited ने कंपनी की रेटिंग आउटलुक को 'Stable' से घटाकर 'Negative' कर दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण वर्किंग कैपिटल की बढ़ती जरूरतें और बकाया पेमेंट्स (Receivables) हैं। साथ ही, कंपनी ने साल 2020 में हुई एक सब्सिडियरी डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया में नॉन-कंप्लायंस की बात स्वीकारी है, जिसके लिए वह RBI से कंपाउंडिंग की मांग कर रही है।
बोर्ड और गवर्नेंस
कंपनी ने Surjeet Kaur Malhotra की नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव रखा है। चूंकि उनकी उम्र 75 साल से अधिक है, इसलिए SEBI के नियमों के तहत इसके लिए स्पेशल रेजोल्यूशन की आवश्यकता होगी। मौजूदा हालातों को देखते हुए कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
