Shreeji Translogistics ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट **106%** बढ़कर **₹3.16 करोड़** हो गया है। कंपनी ने अब पूरी तरह अपने कोर ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस पर फोकस करने के लिए ट्रेडिंग बिजनेस को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है।
मुनाफे में जबरदस्त बढ़त
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹1.53 करोड़ से बढ़कर ₹3.16 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी 80% के उछाल के साथ ₹3.58 करोड़ रहा। कंपनी की स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹238.26 करोड़ और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹250.60 करोड़ दर्ज की गई है।
क्यों बंद किया ट्रेडिंग बिजनेस?
कंपनी ने अपने मार्जिन पर दबाव को देखते हुए ट्रेडिंग कारोबार से बाहर निकलने का रणनीतिक फैसला लिया है। अब कंपनी का पूरा ध्यान अपने मुख्य क्षेत्र—ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स पर होगा। इस प्रक्रिया में Mihani Trading Private Limited और TKD Digitrans Tech Private Limited जैसी नॉन-कोर सब्सिडियरीज से कंपनी अलग हो गई है।
डिविडेंड पर क्या अपडेट है?
इन्वेस्टर्स के लिए एक अहम खबर यह है कि कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। मैनेजमेंट अपनी कार्यशील पूंजी (Working Capital) को मजबूत करने के लिए कैश को बचाना चाहता है। इसके अलावा, कंपनी ने Rajesh Manilal Joshi को नया इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है और अपनी 32वीं AGM 29 सितंबर, 2026 को तय की है।
रिस्क फैक्टर
डिविडेंड न मिलना इनकम इन्वेस्टर के लिए निराशाजनक हो सकता है। साथ ही, अब कंपनी का पूरा भविष्य केवल ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर की चाल और फ्यूल प्राइस की अस्थिरता पर निर्भर रहेगा, क्योंकि ट्रेडिंग का डायवर्सिफिकेशन अब खत्म हो चुका है।
