Shreeji Shipping के शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! बढ़े मुनाफे के साथ मिला डिविडेंड, पर इस बड़े केस पर है सबकी नज़र

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Shreeji Shipping के शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! बढ़े मुनाफे के साथ मिला डिविडेंड, पर इस बड़े केस पर है सबकी नज़र
Overview

Shreeji Shipping Global Ltd ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने **₹152.70 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है और **₹1** प्रति इक्विटी शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया है। हालांकि, एक बड़ा कानूनी मामला निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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Shreeji Shipping Global Ltd के नतीजे और खास अपडेट्स

वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹152.70 करोड़ रहा। वहीं, इसी अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹709.38 करोड़ पर पहुंचा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹584.08 करोड़ से अधिक है।

मुख्य बातें:

  • FY26 में कंसोलिडेटेड PAT: ₹152.70 करोड़
  • FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹709.38 करोड़

निवेशकों के लिए क्यों है ज़रूरी?

यह बेहतर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस कंपनी के बिजनेस में स्थिरता और ग्रोथ को दर्शाता है। 31 मार्च, 2026 तक, कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से मिली रकम में से ₹251.19 करोड़ अभी भी बिना इस्तेमाल हुए पड़े हैं, जिसे मुख्य रूप से एक ड्राई बल्क कैरियर (Dry Bulk Carrier) खरीदने के लिए रखा गया है। कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रति इक्विटी शेयर पर ₹1 का इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

FY 2025-26 से, Shreeji Shipping ने 'टननेज टैक्स स्कीम' (Tonnage Tax Scheme) को भी अपना लिया है, जो भविष्य में टैक्स के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है।

क्या है बड़ा रिस्क?

कंपनी पर ₹628.93 करोड़ का एक बड़ा एडमिराल्टी सूट (Admiralty Suit) चल रहा है। यह केस एक संभावित काउंटरपार्टी द्वारा दायर किया गया है और यह भविष्य के वेसल चार्टर-सह-बिक्री समझौतों से जुड़ा है। कंपनी ने इसे एक कॉन्टिजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) के तौर पर दिखाया है और इसके लिए कोई प्रोविजन नहीं बनाया है, हालांकि ₹47.16 करोड़ की बैंक गारंटी दी गई है। इसके अलावा, ₹9.76 करोड़ के एक आउटस्टैंडिंग ट्रेड रिसीवेबल (Trade Receivable) की रिकवरी के लिए भी कानूनी कार्रवाई चल रही है।

आगे क्या देखना है?

निवेशकों को एडमिराल्टी सूट के डेवलपमेंट पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, यह देखना अहम होगा कि बिना इस्तेमाल हुए IPO फंड्स का इस्तेमाल बेड़े के विस्तार के लिए कैसे किया जाता है और नई 'टननेज टैक्स स्कीम' कंपनी के टैक्स पर क्या असर डालती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.