Shahi Shipping Ltd के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे चिंताजनक रहे। कंपनी का नेट लॉस (Net Loss) बढ़कर **₹0.75 करोड़** हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में **₹0.31 करोड़** था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) लगभग **50%** घट गया है।
क्यों बढ़ा कंपनी का घाटा?
Shahi Shipping Ltd ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹0.75 करोड़ (यानी 75.03 लाख रुपये) का नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह घाटा सिर्फ ₹0.31 करोड़ (यानी 31.20 लाख रुपये) था।
रेवेन्यू में बड़ी गिरावट
मुनाफे पर दबाव का एक बड़ा कारण कंपनी के रेवेन्यू में आई भारी गिरावट है। Q1 FY27 में, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू (Revenue from Operations) घटकर ₹0.88 करोड़ रह गया, जो पिछले साल Q1 FY26 में ₹1.76 करोड़ था। यह 49.7% की बड़ी गिरावट है।
टैक्स विवाद का साया
कंपनी के लिए चिंता की बात यह है कि उस पर बड़े टैक्स विवाद चल रहे हैं। इनमें ₹0.14 करोड़ का GST डिमांड (FY 2017-18), ₹7.17 करोड़ का सर्विस टैक्स डिमांड (2009-2017) और TDS डिफॉल्ट के कारण ₹0.17 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड (AY 2020-21) शामिल है। हालांकि कंपनी का कहना है कि वह इन मामलों में अपील करेगी और इसके लिए कोई नया प्रोविजन (Provision) नहीं किया गया है, लेकिन अगर टैक्स अथॉरिटीज जीत जाती हैं तो यह कंपनी पर भारी पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी के खर्चों को कंट्रोल करने और रेवेन्यू को वापस बढ़ाने की रणनीति पर नजर रखनी होगी। साथ ही, इन टैक्स विवादों का नतीजा कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
