लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Shadowfax Technologies ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **₹1,538 करोड़** पहुंच गया है और नेट प्रॉफिट **₹67 करोड़** दर्ज किया गया है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
Shadowfax ने इस तिमाही में न केवल टॉप-लाइन ग्रोथ दिखाई है, बल्कि वॉल्यूम के मामले में भी झंडे गाड़े हैं। कंपनी की कुल शिपमेंट 27.1 करोड़ यूनिट्स तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 70% की भारी बढ़ोतरी है। कंपनी का एडजस्टेड EBITDA ₹77 करोड़ रहा है। मुख्य रूप से एक्सप्रेस पार्सल सेगमेंट का योगदान ₹1,096 करोड़ है, जबकि हाइपरलोकल सेगमेंट ने 88% की जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को तेजी से स्केल किया है। अब कंपनी का कुल ऑपरेटिंग स्पेस 69 लाख स्क्वायर फीट हो गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा विस्तार है। इसके साथ ही, उनके डिलीवरी पार्टनर नेटवर्क में 31% का इजाफा हुआ है, जिससे अब उनके पास 3.8 लाख का नेटवर्क है। मैनेजमेंट ने क्लाइंट डाइवर्सिफिकेशन पर भी ध्यान दिया है, जिससे सबसे बड़े क्लाइंट पर निर्भरता 3 से 4% तक कम हुई है।
नई राह और चुनौतियां
Shadowfax अब माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर (MFC) के बिजनेस में कदम रख रही है ताकि 8 से 12 घंटे की डिलीवरी मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर सके। साथ ही, साल के 100 डार्क स्टोर्स के लक्ष्य के तहत 70 स्टोर लॉन्च कर दिए गए हैं।
निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए: इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश के कारण रेंटल कॉस्ट रेवेन्यू का 3.2% से बढ़कर 3.5% हो गई है। इसके अलावा, Amazon के साथ पार्टनरशिप का असर आने वाले फाइनेंशियल ईयर में दिखने की उम्मीद है। कंपनी ने 27% से 30% की लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू CAGR का गाइडेंस बरकरार रखा है।
