Seamec Ltd ने सितंबर तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने **₹50.48 करोड़** का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को **₹25.73 करोड़** का नुकसान हुआ था।
मुनाफे का गणित और वेसल सेल
कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह एसेट मॉनेटाइजेशन है। Seamec ने अपने 'Seamec Gallant' वेसल को बेचकर ₹42.43 करोड़ का एक्स्ट्राऑर्डिनरी गेन हासिल किया है। इस पूरे सौदे से कंपनी को ₹88.31 करोड़ का कंसीडरेशन मिला। हालांकि निवेशकों को यह समझना होगा कि मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा वन-टाइम गेन से आया है।
ऑपरेशनल हेल्थ में सुधार
अगर हम सिर्फ कोर बिजनेस की बात करें, तो रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने दमखम दिखाया है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹97.42 करोड़ से बढ़कर ₹198.13 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कंपनी के शिपिंग और ऑफशोर सपोर्ट सर्विसेज में बढ़ते काम को दर्शाता है। कुल आय भी दोगुनी होकर ₹221.85 करोड़ रही है।
कॉरपोरेट फैसले
बोर्ड ने गवर्नेंस को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। M/s MCS Share Transfer Agent को अगले 3 साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है, जो 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा। ऑडिट के लिहाज से M/s. T R Chadha & Co LLP ने परिणामों पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन दी है, जो कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की पारदर्शिता को साफ करता है।
