Ritco Logistics ने FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में **61%** से ज़्यादा की गिरावट आई है, जो कि **₹3.47 करोड़** रहा। वहीं, स्टैंडअलोन प्रॉफिट में मामूली कमी देखी गई है।
Ritco Logistics ने वित वर्ष 2027 की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) के अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹8.95 करोड़ से गिरकर ₹3.47 करोड़ रह गया, जो कि 61.23% की भारी गिरावट दर्शाता है। बेसिक ईपीएस (Earnings Per Share) भी 38.66% घटकर ₹1.92 पर आ गया।
स्टैंडअलोन नतीजों में मामूली गिरावट
हालांकि, स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी के नेट प्रॉफिट में 4.25% की मामूली गिरावट दर्ज की गई, जो कि ₹12.46 करोड़ से घटकर ₹11.93 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन ईपीएस में भी 4.36% की कमी आई और यह ₹1.92 रहा।
रेवेन्यू में मामूली बढ़ोतरी
कुल मिलाकर, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 3.04% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹365.12 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1.22% बढ़कर ₹357.02 करोड़ दर्ज किया गया।
क्यों मायने रखती है ये गिरावट?
कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में आई यह तीखी गिरावट, रेवेन्यू में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद, कंपनी की सहायक कंपनियों - Logro Sourcing Private Limited और Trucksup Solutions Private Limited - के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है। निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि क्यों स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड प्रॉफिटेबिलिटी के बीच इतना बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब मैनेजमेंट की ओर से कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में आई गिरावट के कारणों और सहायक कंपनियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर नज़र रखनी होगी। स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नतीजों के बीच का यह अंतर आगे भी चर्चा का विषय बना रहेगा।
