Ritco Logistics ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू बढ़कर **₹1,484.24 करोड़** पर पहुंच गया है और मुनाफा **₹49.88 करोड़** रहा है। हालांकि, ग्रोथ पर फोकस करने के लिए कंपनी ने इस बार डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,188.56 करोड़ से बढ़कर अब ₹1,484.24 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹47.19 करोड़ से बढ़कर ₹49.88 करोड़ दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹31.92 करोड़ रहा है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
कंपनी मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के लिए फंड की जरूरत है। इसी कारण बोर्ड ने इस साल डिविडेंड न देने का फैसला किया है ताकि इस कैश का इस्तेमाल बिजनेस विस्तार में किया जा सके।
बिजनेस में बड़े बदलाव
- नया कॉन्ट्रैक्ट: कंपनी ने पश्चिमी भारत में MRPL से नया 3PL कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
- टेक्नोलॉजी पर जोर: कंपनी अब 'जीरो-ट्रस्ट ERP' और 'डिजास्टर रिकवरी' सिस्टम में निवेश कर रही है।
- भर्ती: कंपनी में 314 नए कर्मचारी जोड़े गए हैं, जिससे कुल हेडकाउंट 1,401 हो गया है।
- नेतृत्व में बदलाव: सुशासन (Governance) को मजबूत करने के लिए 4 अगस्त, 2026 से रनु जैन को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- सब्सिडियरी की सफलता: कंपनी की सब्सिडियरी 'TrucksUp' को 'इमर्जिंग सप्लाई चेन टेक कंपनी ऑफ द ईयर 2025' के खिताब से नवाजा गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट मार्जिन स्टैंडअलोन के मुकाबले थोड़े कमजोर हैं। साथ ही, कंपनी बड़े 3PL कॉन्ट्रैक्ट्स पर काफी निर्भर है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उतार-चढ़ाव का सीधा असर इनके कारोबार पर पड़ सकता है।
