Popular Vehicles and Services Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे घोषित किए हैं।
बढ़ती लागत और घटता मुनाफा
कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 15.16% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹6,381.10 करोड़ पर पहुंच गया, जो कि FY25 के ₹5,541.23 करोड़ से ज्यादा है। लेकिन, इस टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, कंपनी ने ₹10.94 करोड़ का कंसोलिडेटेड लॉस दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹0.61 करोड़ के नुकसान से काफी बड़ा उछाल है। स्टैंडअलोन बेसिस पर, रेवेन्यू 10.30% बढ़कर ₹2,868.35 करोड़ हुआ, जबकि नुकसान ₹33.62 करोड़ से बढ़कर ₹51.14 करोड़ हो गया।
एक्विजिशन और ऑपरेशनल इंपैक्ट
कंपनी के रेवेन्यू में यह विस्तार स्ट्रेटेजिक डीलरशिप एक्विजिशन के कारण संभव हुआ। रिपोर्टिंग ईयर के दौरान, Popular Vehicles ने तेलंगाना में Maruti Suzuki डीलरशिप्स, अपनी सब्सिडियरी Prabal Motors के जरिए Bharat Benz ट्रक डीलरशिप्स, और अपनी सब्सिडियरी Imperion Cars के जरिए Audi India डीलरशिप्स का अधिग्रहण किया। इन एक्विजिशन के साथ-साथ नए लेबर कोड्स के प्रभाव ने स्टैंडअलोन नतीजों पर लागतें बढ़ाईं, जिससे नुकसान में बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने Kuttukaran Green Private Limited में अपनी हिस्सेदारी भी बेची है।
निवेशकों के लिए चिंता का विषय
Popular Vehicles अपने बिजनेस फुटप्रिंट का विस्तार कर रही है और रेवेन्यू बढ़ा रही है, लेकिन बढ़ता हुआ नुकसान निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। मुख्य जोखिम यह है कि रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद नुकसान लगातार बढ़ रहा है, जो कॉस्ट मैनेजमेंट या ऑपरेशनल एफिशिएंसी में संभावित समस्याओं की ओर इशारा करता है। नए अधिग्रहित डीलरशिप्स का सफल इंटीग्रेशन और उनकी लाभप्रदता में हिस्सेदारी कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगी। निवेशक रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ लाभप्रदता में सुधार के संकेतों के लिए आगामी तिमाही नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
